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LuLu Mall: कौन हैं लुलु मॉल के मालिक युसूफ अली? भारतीय नागरिक को बचाने के लिए ब्लड मनी के तौर पर दिए थे 1 करोड़

दोषी अपराधी को छुड़ाने के लिए युसूफ अली ने 1 करोड़ की भारी भरकम जुर्माना अदा करना पड़ा था। यह सिर्फ उन्होंने इंसानियत के नाते किया।

LuLu Mall: कौन हैं लुलु मॉल के मालिक युसूफ अली? भारतीय नागरिक को बचाने के लिए ब्लड मनी के तौर पर दिए थे 1 करोड़
लुलु समूह के अध्यक्ष एम. ए. युसूफ अली। (Photo Credit – Social Media)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 10 जुलाई को राजधानी लखनऊ में लुलु मॉल (LuLu Mall) का उद्घाटन किया। लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी पथ (शहीद पथ) के किनारे गोल्फ सिटी में स्थित 22 लाख वर्ग फुट में 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस मॉल को उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल कहा जा रहा है।

मॉल के अंदर एक बड़ा फूड कोर्ट भी है, जिसमें 15 बेहतरीन रेस्तरां और 25 ब्रांड आउटलेट हैं, जिसमें एक बार में 1600 लोग बैठ सकते हैं। साल के अंत तक मॉल के अंदर 11 स्क्रीन वाला पीवीआर सुपरप्लेक्स लॉन्च किया जाएगा। तमाम सुविधाओं से लैस मॉल में मल्टी लेवल पार्किंग है, जिसमें एक बार में 3 हजार से ज्यादा वाहन खड़े किए जा सकते हैं।

आखिर लुलु ग्रुप किसका है ?

यूएई स्थित लुलु ग्रुप के मालिक युसूफ अली एमए केरल के त्रिशूर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में लुलु हाइपरमार्केट की स्थापना की। फिलहाल युसूफ अली अब यूएई के नागरिक हैं। उनका समूह सुपरमार्केट चेन पर काम करता है। लखनऊ भारत का चौथा शहर है जहां इस ग्रुप ने अपना सुपरमार्केट खोला है। इससे पहले लुलु ग्रुप के सुपरमार्केट कोच्चि, बैंगलोर और तिरुवनंतपुरम में खोले जा चुके हैं। उनका समूह वर्तमान में पश्चिम एशिया, अमेरिका और यूरोप के 22 देशों में कारोबार संचालित करता है। युसूफ अली यूएई में रहने वाले सबसे अमीर भारतीय एनआरआई हैं।

संकट के समय भारत के साथ खड़े रहे

यूसुफ अली साल 1973 में अबू धाबी चले गए। अब उनकी गिनती वहां के टॉप बिजनेसमैन में होती है। यूसुफ अली अपने बिजनेस के साथ-साथ चैरिटी के लिए भी जाने जाते हैं। गुजरात में आए भूकंप से लेकर सुनामी और केरल में आई बाढ़ तक उन्होंने कई बार बड़ी रकम दान की है। उनके ग्रुप का सालाना टर्नओवर 8 अरब डॉलर है और उन्होंने करीब 57 हजार लोगों को रोजगार दिया है।

अबू धाबी के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित

2021 में, यूसुफ अली को अबू धाबी के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह पुरस्कार अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रदान किया। यूसुफ अली को अबू धाबी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यूसुफ अली को पद्मश्री और प्रवासी भारतीय सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

साल 2021 में हेलीकॉप्टर क्रैश से बाल-बाल बचे

साल 2021 में लुलु ग्रुप के प्रमुख एमए युसूफ अली और उनकी पत्नी को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ये हादसा केरल में हुआ था। हालांकि इस हादसे में युसूफ अली और उनकी पत्नी बाल-बाल बच गए थे।

57 हजार से अधिक लोगों को दिया रोजगार

आपको बता दें कि यूसुफ अली का जन्म 15 नवंबर 1955 को केरल के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। वह अपने चाचा के खुदरा व्यापार को संभालने के लिए महज 18 साल की उम्र में अबू धाबी चले गए। युसुफ अली फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट 2021 में 5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 38वें स्थान पर थे। 42 देशों में कारोबार करने वाले लुलु ग्रुप का सालाना कारोबार 8 अरब डॉलर का है और इस समूह में 57 हजार से ज्यादा लोग कार्यरत हैं।

लूलू मॉल की यह है खासियत

मॉल में आए विजिटर के विविध स्वाद के अनुरूप 15 बढ़िया रेस्तरां और कैफे हैं और 25 ब्रांड आउटलेट के साथ एक विशाल फूड कोर्ट है जिसमें 1600 लोग बैठ सकते हैं। लुलु मॉल लखनऊ में सबसे अच्छे गहने, फैशन और प्रीमियम घड़ी ब्रांडों के साथ एक शादी की शॉपिंग एरिया भी होगा। 11 स्क्रीन वाला पीवीआर सुपरप्लेक्स इस साल के अंत में लॉन्च किया जाएगा। मॉल 3000 से अधिक वाहनों के लिए एक समर्पित बहु-स्तरीय पार्किंग सुविधा से लैस होगा।

साल 2012 में ब्लड मनी के तौर दिया था 1 करोड़ रुपये

दरअसल, 2012 में 45 वर्षीय बेक्स कृष्णन ने बच्चों के एक समूह को लापरवाही से टक्कर मारा था। इस घटना में उन्हें एक सूडानी लड़के की हत्या का दोषी पाया गया था और यूएई की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। केरल निवासी बेक्स कृष्णन के परिवार और दोस्तों ने उसे छुड़ाने की बहुत कोशिश की लेकिन वे असफल रहे। वहीं, घटना के बाद बच्चे का परिवार भी सूडान लौट आया, जिससे वह पीड़ित परिवार से बात भी नहीं कर सका।

इस बीच, बेक्स के परिवार के सदस्यों ने लुलु ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली से मुलाकात की और युसूफ ने इस मामले पर यूएई प्रशासन से भी मुलाकात की। इसके बाद यूसुफ अली ने जनवरी 2021 में बयान जारी कर कहा कि सूडान में पीड़ित परिवार बेक्स कृष्णन को माफ करने के लिए तैयार है। युसूफ अली ने बताया कि अगर वह कोर्ट में पांच लाख दिरहम यानि एक करोड़ रुपये अदा करेगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। यूसुफ अली ने तब बेक्स कृष्णन की रिहाई के लिए अदालत में मुआवजे का भुगतान किया और बेक्स कृष्णन को रिहा कर दिया गया। यूसुफ अली कृष्णन और उनके परिवार के लिए एक फरिश्ता साबित हुए, क्योंकि यूसुफ का बेक्स कृष्णन के साथ कोई संबंध नहीं था। वह यह सब सिर्फ इंसानियत की वजह से कर रहे थे।

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First published on: 14-07-2022 at 12:58:33 pm
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