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छोड़ चुके हैं स्मोकिंग तो इन योगासनों को करें ट्राय, सिगरेट से दूरी बनाने में मिल सकती है मदद

कैंसर जैसे घातक रोग देने वाले सिगरेट को आसानी से छोड़ पाना बहुत मुश्किल है। बहुत से लोग इसे छोड़ने के कुछ समय बाद फिर से पीना शुरू कर देते हैं।

त्रिकोणासन (Photo Source: Freepik.com)

तमाम बीमारियों की जड़ सिगरेट पीना अगर आप छोड़ चुके हैं तो यह आपके जीवन का सबसे सही और सेहतमंद फैसला है। कैंसर जैसे घातक रोग देने वाले सिगरेट को आसानी से छोड़ पाना बहुत मुश्किल है। बहुत से लोग इसे छोड़ने के कुछ समय बाद फिर से पीना शुरू कर देते हैं। वह इससे दूरी नहीं बना पाते। ऐसे लोगों के लिए आज हम कुछ ऐसे आसनों के बारे में बताने वाले हैं जिनका नियमित अभ्यास करने से सिगरेट से दूर रहने की आपकी मानसिक दृढ़ता मजबूत होती है। आइए, जानते हैं कि वे आसन कौन-कौन से हैं और उन्हें करने की विधि क्या है।

कपालभाति प्राणायाम – कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में मदद मिलती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है कि हमारे शरीर के सारे नकारात्‍मक तत्व शरीर से बाहर जा रहे हैं।

त्रिकोणासन – त्रिकोणासन करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को फैला लें। दाएं पैर को सामने कर घुटनों से समकोंण पर मोड़ लें। अब दोनों हाथों को बाहर की ओर खोल लें और सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर ले जाएं। सीधी कमर के साथ नीचे की ओर देखें। अपनी सीधी हथेली को जमीन पर रखें और अपने उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी ओर से भी दुहराएं।

सर्वांगासन – सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले अपने हाथ और पैर सीधा कर जमीन पर लेट जाएं और गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को सीधे ऊपर की ओर उठाएं। अपने हिप्स को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा करें और बाद में सिर की ओर 45 डिग्री का कोण बनाने की कोशिश करें। सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा दें। इस स्थिति में अंगूठे शरीर के अगले हिस्से और बाकी उंगलियां पीठ पर होनी चाहिए। पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इस आसन के दौरान मन को बिल्कुल शांत रखें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद पहले की स्थिति में लौट आएं।

सेतुबंधासन – सेतुबंधासन करने के लिए सबसे पहले समतल जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल में रखें। हथेलियों को जमीन से चिपका कर रखें। अब दोनों घुटनों को मोड़े और तलवों को जमीन से लगा कर रखें। इसके बाद सांस लेते हुए कमर को ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस दौरान कोहनियों को मोड़ कर कमर के नीचे हथेलियों को रखकर सपोर्ट दें। कुछ समय बाद कमर को नीचे कर लें और सामान्य अवस्था में आ जाएं।

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