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बरसात में आपको बीमारियों से बचाए रख सकता है ये ‘मानसून योगा’, ट्राइ किया क्या?

बरसात का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो।

ओंकार प्राणायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ाता ही है, साथ ही इसके और भी कई शारीरिक मानसिक लाभ होते हैं।

बरसात का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे घातक रोग हर साल कई लोगों की जान ले लेते हैं। ऐसे में अगर शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो इन बीमारियों से बचावे में काफी मदद मिलेगी। योग में इम्यून सिस्टम को दुरुस्त करने का उपाय है। योगा ट्रेनर्स इसके लिए ओंकार प्राणायम करने का सुझाव देते हैं।

क्या हैं ओंकार प्राणायाम के फायदे – ओंकार प्राणायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ाता ही है, साथ ही इसके और भी कई शारीरिक मानसिक लाभ होते हैं। ओंकार प्राणायाम करने से शरीर के आंतरिक इंद्रियों की सफाई हो जाती है। शरीर सुंदर और पवित्र बनता है। स्वरतंतु दुरुस्त रहते हैं। श्वसन से संबंधित विकार दूर हो जाते हैं। खून शुद्ध हो जाता है। दिल को विश्राम मिलता है तथा स्मरण शक्ति बढ़ती है। ओंकार प्राणायाम से तनाव दूर होता है तथा मन को शांति मिलती है।

ओंकार प्राणायाम करने की विधि – इसे करने के लिए कोई एकांत स्थान चुन लें तथा सुखासन या पद्मासन की स्थिति में बैठ जाएं। सर, पीठ, गर्दन और कमर सीधी रेखा में रहे। शांति से आँखे बंद करें और ध्यान करें कि सारी इन्द्रियां अपने स्थान पर सजग है। अब 2 से 3 बार लम्बी सांसें लें और सांसो को तेजी से छोड़ दें। इस क्रिया को दीर्घ श्वसन कहते हैं। ऐसे ही 3 से 4 बार दीर्घ श्वसन करने के उपरान्त जितना हो सके लंबी साँस लें। सांस को बिना रोके ओंकार का उच्चारण करें। इस क्रिया को दुहराएं।

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