ताज़ा खबर
 

नियमित रूप से करेंगे त्राटक आसन तो गारंटी से दूर होगी भूलने की समस्या

आमतौर पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से भूलने की बीमारी अस्तित्व में आती है जिसकी वजह से किसी भी चीज को रिकॉल करने की क्षमता में कमी आने लगती है।

मन का एकाग्र न होना भूलने की बीमारी को बढ़ावा देता है।

क्या आप भी भूलने की बीमारी से बहुत परेशान हैं। किसी चीज को कहीं पर रखकर, किसी महत्वपूर्ण तारीख को, अपनो दोस्तों के जन्मदिन या फिर उनके कांटैक्ट नंबर्स या ऐसा कुछ भी जिसे आपको याद रहना चाहिए था, उसे आप भूलने लगे हैं। अगर ऐसा है तो आपको भूलने की बीमारी है। यह आमतौर पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से अस्तित्व में आती है जिसकी वजह से किसी भी चीज को रिकॉल करने की क्षमता में कमी आने लगती है। खान-पान में लापरवाही, भोजन में पोषक तत्वों की अनुपलब्धता आदि इसके कारण हो सकते हैं। इन सबके अलावा एकाग्रता में कमी भी इस समस्या का प्रमुख कारण है।

मन का एकाग्र न होना भूलने की बीमारी को बढ़ावा देता है। ऐसे में नियमित योग और प्राणायाम से आप अपनी एकाग्रता में सुधार लाकर याद्दाश्त को बेहतर बना सकते हैं। आज हम आपको याद्दाश्त बढ़ाने वाले एक ऐसे आसन के बारे में बताएंगे जिसे आप कम समय में आसानी से कर सकते हैं। याद्दाश्त बढ़ाने के लिए जो सर्वोत्तम आसन है वह त्राटक आसन कही जाती है। महर्षि पतंजलि द्वारा खोजी गई एकाग्रता बढ़ाने की इस विधि का प्रयोग साधु-संतों द्वारा एकाग्रता की साधना के रूप में की जाती है। वैज्ञानिक भी ऐसा मानते हैं कि इससे न सिर्फ एकाग्रता या फिर याद्दाश्त बढ़ती है बल्कि यह आत्मविश्वास पैदा करने का भी सबसे बेहतरीन माध्यम है।

HOT DEALS
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16699 MRP ₹ 16999 -2%
    ₹0 Cashback
  • Moto C 16 GB Starry Black
    ₹ 5999 MRP ₹ 6799 -12%
    ₹0 Cashback

त्राटक आसन करने का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय का समय होता है। अगर किसी और समय में भी आप इसका अभ्यास करते हैं तो किसी भी प्रकार नुकसान नहीं है। इसे करने के लिए सबसे पहले किसी शांत-एकांत स्थल पर सिद्धासन में बैठ जाएं। उससे पहले सामने किसी स्क्रीन या फिर दीवार पर एक पीला बिंदु बना लें। इसी बिंदु पर अपनी दृष्टि को केंद्रित करें, और सोचों कि आपके सारे विचार इस पीत बिंदु के पीछे जा रहे हैं। इस अभ्यास को करते हुए आपकी आंखों में पानी भी आ सकता है। कुछ मिनट तक यह अभ्यास करने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धो लें। इस आसन को करते हुए यह ध्यान रखें कि आपका पेट न तो अधिक भरा हुआ हो और न खाली ही हो। इसके अलावा अगर आप चश्मा लगाते हैं तो इस अभ्यास को करते हुए चश्मा निकाल दें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App