ताज़ा खबर
 

योग का ये आसन तनाव दूर करने के साथ पहुंचा सकता है और भी कई फायदे

आनंद बालासन आपके दिमाग को शांत करके शारीरिक तनाव से भी मुक्ति दिलाता है। लेकिन इससे मिलने वाले लाभों के लिए आपको इसे करने की सही विधि आनी चाहिए, वरना आपके चोटिल होने की संभावनाएं ज्यादा होती है।

नोरा फतेही (Source: norafatehi)

आनंद बालासन को हैप्पी बेबी पोज भी कहा जाता है। आनंद बालासन को करने से आपका दिमाग शांत होता है और शारीरिक तनाव भी दूर होता है। यह बालासन आपकी मानसिकता को जागरूकता और सचेतन की अवस्था में लाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। आनंद बालासन का अभ्यास किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है और इसके फायदे पा सकता है। इस योग का अभ्यास ना सिर्फ आपको मानसिक बल्कि शारीरिक लाभ भी प्रदान करता है। आइए आनंद बालासन करने की विधि क्या है और इससे स्वास्थ्य को क्या लाभ होते हैं।

तो यदि आप अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका शरीर किसी भी बीमारी का शिकार ना हो ता जल्द से जल्द आनंद बालासन योग को करना शुरू कर दें। इस आसन को करने से आपके शरीर का लचीलापन भी बढ़ेगा और शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा भी मिलेगी।

आनंद बालासन करने की विधि:

1. आनंद बालासन करने के लिए कमर के बल लेट जाएं।

2. अब सांस को अन्दर लेते हुए पैरों को ऊपर सीधा उठाएं।

3. फिर अपने दोनों हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें।

4. अब अपनी कोहनियों और घुटनों को छाती तक लेकर आएं।

5. अब आराम से अपने कूल्हों को फैलाएं, जिससे पैरों के बीच में जगह बन जाए।

6. अपनी ठुड्डी को छाती की तरफ कर लें, लेकिन ध्यान रहे कि सिर और कमर पूरी तरह जमीन पर रखी हो।

7. अब अपनी टेलबोन और सेक्रम हड्डी को जमीन की तरफ दबाएं और अपनी एडियां ऊपर की तरफ सीधी रखें।

8. आराम से सांस लेते रहे और इसी अवस्था में 30 सेकिंड तक रहें।

9. अब सांस को बाहर छोड़ते हुए हाथों और पैरों को उल्टी प्रक्रिया में दोहराएं और कुछ देर जमीन पर सीधा लेटे रहें।

आनंद बालासन करने के फायदे:

1. आपकी कमर, रीढ़ की हड्डी, जांघों का अंदरूनी हिस्सा और हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करता है और मांसपेशियों का तनाव दूर करता है।

2. आपके कूल्हों की मसल्स को लचीला बनाता है।

3. कंधों और छाती की मसल्स को मजबूती देता है।

4. आनंद बालासन के रोजाना अभ्यास से आपकी हृदय गति सुधरती है और दिमाग शांत बनता है।

सावधानियां:

1. अगर आपको गर्दन या कमर में चोट लगी हुई है, तो यह आसान नहीं करना चाहिए।

2. आनंद बालासन करते हुए आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए, जिससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।

3. गर्भवती महिलाओं या मासिक धर्म में इस आसान का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

4. उच्च रक्तचाप के शिकार लोगों को भी इस आसान से बचना चाहिए।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App