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क्रिएटिविटी बढ़ाता है रोजाना कुछ देर का मौन, याद्दाश्त भी रखता है दुरुस्त

बहुत से लोग यह तथ्य नहीं जानते कि रोजाना कुछ देर तक मौन रहने से दिमाग विकसित होता है। इसलिए, हमें हर दिन कम से कम 15 मिनट तक मौन रहकर ध्यान करना चाहिए।

प्रदूषण के इस दौर में ध्वनि प्रदूषण भी एक अहम समस्या है। बहुद देर तक तेज आवाज के संपर्क में रहने से कई तरह की सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इससे आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित होता है। तमाम शोरगुल के बीच हम कुछ देर की शांति के लिए तरस जाते हैं। लेकिन अगर हमको अपनी मानसिक हालत दुरुस्त रखनी है तो दिन में कुछ देर शांत रहने की कोशिश करनी होगी। रोजाना 15 मिनट का मौन आपको ढेर सारे स्वास्थ्य संबंधी फायदे देता है।

1. दिमाग में नई कोशिकाएं बनती हैं – बहुत से लोग यह तथ्य नहीं जानते कि रोजाना कुछ देर तक मौन रहने से दिमाग विकसित होता है। इसलिए, हमें हर दिन कम से कम 15 मिनट तक मौन रहकर ध्यान करना चाहिए। इससे दिमाग में नई कोशिकाएं बनती हैं। ये कोशिकाएं हमारे सीखने तथा याद रखने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।

2. तनाव होता है कम – बहुत ज्यादा शोरगुल हमारे अंदर चिंता का स्तर बढ़ा देता है। शांत बैठने से तनाव का स्तर कम होता है। जब हम मौन बैठते हैं तब हमारे दिमाग श्रम नहीं करता। यह मानसिक सेहत के लिए जरूरी होता है।

3. इन्सोम्निया का इलाज करे – रोजाना कुछ देर शांत बैठे रहने से आपकी नींद का चक्र भी प्रभावित होता है। कुछ देर का मौन ध्यान इन्सोम्निया यानी कि अनिद्रा का इलाज करने में सक्षम है।

4. ब्लड प्रेशर करे नियंत्रित – शांत बैठे रहने से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है। साथ ही यह आपके ब्रीदिंग पैटर्न को भी आराम दिलाता है।

5. रचनात्मकता बढ़ाए – जब हम किसी भी संवाद में नहीं होते तो हमारा दिमाग तमाम आंतरिक विचारों में डूबा होता है। ऐसे में शांत बैठना अपने आपसे जुड़ने तथा क्रिएटिविटी बढ़ाने में सहयोगी हो सकता है।

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