ताज़ा खबर
 

सौ से ज्यादा बीमारियों का इलाज है कपालभाति, इसके करिश्मे सुनकर रह जाएंगे दंग

कपालभाति प्राणायाम करते वक्त जब सांस को अंदर खींचा जाता है तब पेट अंदर की ओर जाता है। जिसकी वजह से सभी भीतरी ग्रंथियों का एक्सरसाइज हो जाता है।
कपालभाति प्राणायाम करने से न सिर्फ वजन कम होता है बल्कि यह सौ से भी अधिक बीमारियों को ठीक करने में हमारी मदद करता है।

स्वच्छ हवा को अंदर लेने और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया को प्राणायाम कहा जाता है। प्राणायाम शरीर के आंतरिक स्नान जैसा होता है। योगऋषि स्वामी रामदेव प्राणायाम के अनेक लाभ बताते हैं। कपालभाति प्राणायाम करते वक्त जब सांस को अंदर खींचा जाता है तब पेट अंदर की ओर जाता है। जिसकी वजह से सभी भीतरी ग्रंथियों का एक्सरसाइज हो जाता है। बाबा रामदेव के अनुसार कपालभाति प्राणायाम करने से न सिर्फ वजन कम होता है बल्कि यह सौ से भी अधिक बीमारियों को ठीक करने में हमारी मदद करता है।

कपालभाति प्राणायाम नियमित रूप से करने से शरीर के लगभग 80 प्रतिशत विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। माथों और चेहरे पर चमक आ जाती है। इस प्राणायाम में पेट के बार-बार अंदर जाने से पाचक अंगों जैसे अमाशय, लीवर, किडनी, पैंक्रियाज आदि की सेहत बेहतर बनी रहती है। जिनके बाल झड़ रहे हों वह नियमित कपालभाति प्राणायाम कर इस समस्या से मुक्ति पा सकते हैं। कपालभाति करने से मोटापा, डायबिटीज, कब्ज, गैस, भूख न लगना और अपच जैसी समस्याओं से पीछा छूट जाता है। कपालभाति करने से हृदय, फेफड़ों और थायराइड संबंधी सभी विकार दूर होते हैं। खून में शुद्धता तथा ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। वात-पित्त-कफ का संतुलन, मन का संतुलन, सप्त धातुओं का संतुलन, दिमाग का संतुलन कपालभाति से संभव है।

महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता होने पर कपालभाति करना सबसे बेहतर उपाय है। शरीर का वजन संतुलित करने में भी कपालभाति काफी मदद करता है। कपालभाति करने के लिए सुबह का समय सबसे बेहतर होता है। इसे करने के लिए सबसे पहले खुले वातावरण में पद्मासन या फिर सिद्धासन में बैठ जाएं। अब अपने ध्यान को सांसों पर लाकर उसकी गति का अनुभव करें। पेट को अंदर करते हुए सांस अंदर खींचे और फिर झटके के साथ नाक से बाहर निकालें। कुछ देर तक इस क्रिया को दुहराते रहें। कपालभाति करने के बाद थोड़ी देर तक ध्यान की अवस्था में बैठे रहें। हार्निया, मिर्गी, कमर दर्द और स्टेंट के मरीज कपालभाति न करें। इनके अलावा महिलाएं गर्भावस्था के तुरंत बाद तथा मासिक धर्म के दौरान कपालभाति प्राणायाम न करें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.