ताज़ा खबर
 

जिम के साथ योगा भी करेंगे तो होगा डबल फायदा, जानिए कैसे

योगा हर शख्स के लिए फायदेमंद है चाहे वह घंटो जिम में समय बिताता हो या फिर कोई एथलीट हो।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (Source: Agencies)

जिम या एथलेटिक्स करने वाले कई लोगों को अमूमन यह गलत फहमी हो जाती है कि योगा उनके लिए फायदेमंद नहीं लेकिन सच यह है कि योगा हर शख्स के लिए फायदेमंद है चाहे वह घंटो जिम में अपना समय बिताता हो या फिर सुबह जोगिंग के लिए जात हो। आइए जानते है जिम वर्कआउट करने वाले और एथलीट्स को योगा कैसे फायदा पहुंचाता है।

जिम के साथ योगा करने के भी हैं कई फायदे- अगर आप जिम जाते हैं तो कई तरह के वर्कआउट करते होंगे। आपके वर्कआउट का शेड्यूल भी हर महीने चेंज होता है लेकिन यकीन मानिए जिम के अलावा योगा करने से भी आपको काफी फायदा होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिम के दौरान आप जो कसरतें करते हैं उनसे आपकी मांसपेशियों पर असर पड़ता है। दरअसल जिम करने की प्रक्रिया में आपकी मांसपेशियों के टिशू टूटते हैं और फिर से रिकवर होते हैं। इसी प्रक्रिया में ही मांसपेशियां मजबूत होती हैं और बॉडी शेप में आती हैं। योगा बॉडी मसल्स को रिकवर करने में काफी मदद करता है।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XZs G8232 64 GB (Ice Blue)
    ₹ 34999 MRP ₹ 51990 -33%
    ₹3500 Cashback
  • Coolpad Cool C1 C103 64 GB (Gold)
    ₹ 11290 MRP ₹ 15999 -29%
    ₹1129 Cashback

हेवी लिफ्ट्स करने में हमेशा ही इन्जरी होने का खतरा बना रहता है। योगा इन्जरी होने पर उसकी रिकवरी में भी मदद करता है। योगा मांसपेशियों और शरीर के जोड़ों को स्थिरता प्रदान करता है। वहीं प्राणायाम करने से सांसों पर काबू पाया जाता है। जिम या फिर रनिंग के दौरान हमारी सांसें काफी तेज हो जाती हैं। प्राणायाम ब्रीदिंग कन्ट्रॉल करने में मदद करते हैं जिससे रेस्पिरेट्री सिस्टम ठीक होता है और लंग्स और हार्ट समेत शरीर के कई अंग मजबूत होते हैं।

अच्छी बॉडी के साथ लचीलापन- शरीर का लचीला होना कई मायनों में फायदेमंद और जरूरी भी होता है। लचीलेपन से शरीर की मांसपेशियां और जोड़ सुरक्षित और मजबूत भी रहते हैं। शरीर को लचीला बनाने के लिए योगा बेहद जरूरी होता है। जिम में एक ही तरह का वर्कआउट करने से मांसपेशियों और शरीर के कुछ हिस्सों से लचीलापन लगभग खत्म हो जाता है। लचीलापन हासिल करने के लिए योगा बेस्ट उपाय है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक सीमा के बाद जब मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाती हैं तो उनका लचीलापन खत्म हो जाता है जो इन्जरी होने की स्थिति में घातक साबिक हो सकती है। ऐसे में योगा से फ्लेक्सिबिलिटी हासिल की जा सकती है। बॉडी फ्लेक्सिबल होने से आपके शरीर की मोशन रेंज, पावर आउटपुट और मूवमेंट्स में भी इजाफा होता है।

देखें वीडियो (Source: Youtube/Adrian Kovats)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App