ताज़ा खबर
 

बिना दवा के हैंगओवर का करना है इलाज तो आजमाएं योग के ये 4 आसन

ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने से अगले दिन सर में दर्द और थकावट आदि की समस्या होने लगती है।

नावासन

न्यू ईयर पार्टी हो या वीकेंड पर होने वाली छोटी-मोटी पार्टियां। आजकल के युवाओं की पार्टी एल्कोहल के बिना सोची भी नहीं जा सकती। ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने से अगले दिन सर में दर्द और थकावट आदि की समस्या होने लगती है। ऐसे में किसी भी तरह का काम ठीक तरह से कर पाने में मुश्किल होती है। ऐसे में हैंगओवर का इलाज करने के लिए आप योगासनों की मदद ले सकते हैं। हैंगओवर के लिए प्रयोग किए जाने वाले दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचाव के लिए योगासन बेहतर उपाय हो सकते हैं। आज हम आपको हैंगओवर दूर करना वाले दो आसनों के बारे में बताने वाले हैं।

1. नावासन – नावासन करते वक्त शरीर की आकृति नाव की तरह हो जाती है इसलिए इसे नावासन कहा जाता है। इसे करने से एब्स को मजबूती मिलती है। यह पाचन को दुरुस्त करने का काम करता है। इसके अलावा आंत, किडनी, प्रोस्टेट ग्रंथि और मेटाबॉलिज्म के लिए भी फायदेमंद है। शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में नावासन बेहद लाभकारी है।

2. बालासन – बालासन करने से शरीर में हैप्पी हॉर्मोन्स एंडोर्फिन्स और सेरोटोनिन्स आदि का स्तर बढ़ जाता है। यह आपको आराम महसूस कराता है तथा तनाव को दूर करने का काम करता है। इसके अलावा यह आपके श्वसन तंत्र को दुरुस्त बनाता है और रक्त संचार भी सही करता है। बालासन करने से हैंगओवर का प्रभाव तेजी से कम होता है।

3. शवासन – शवासन हैंगओवर उतारने के लिए सबसे अच्छा योगासन है। यह दिमाग और शरीर दोनों को शांत करने में मदद करता है। हैंगओवर के कारण होने वाली थकावट और चिंता को दूर करने में शवासन मददगार है।

4. उर्ध्वमुख श्वानासन – इस आसन को करने के लिए फेफड़े और छाती का इस्तेमाल होता है और आप ताजी हवा अंदर खींचते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि इससे रक्त संचार दुरुस्त होता है और शरीर के विषाक्त तत्वों को बाहर निकलने में मदद मिलती है। एल्कोहल के सेवन के बाद महसूस होने वाली थकान और डिप्रेशन को दूर करने में भी उर्ध्वमुख श्वानासन बेहद लाभकारी व्यायाम है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App