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रोज करें ये 4 योगासन, परीक्षाओं की टेंशन रहेगी दूर, बढ़ेगी याद्दाश्त

परीक्षाओं से पहले रात भर जागकर पढ़ाई करना भी अगर बेहतर नंबर नहीं दिला पाता तो इसके पीछे परीक्षाओं का डर और भारी तनाव ही है जो हर पढ़ी हुई चीज के याद रख पाने की राह में रोड़ा बनता है।

योग में तनाव का सबसे बेहतर इलाज मौजूद है। कुछ योगासन ऐसे हैं जिन्हें करने से आप हर तरह के तनाव से मुक्त हो सकते हैं।

परीक्षाओं में तनाव बच्चों के सिर पर ऐसे सवार रहता है कि वह खान-पीना और सोना तक भूल जाते हैं। परीक्षाओं से पहले रात भर जागकर पढ़ाई करना भी अगर बेहतर नंबर नहीं दिला पाता तो इसके पीछे परीक्षाओं का डर और भारी तनाव ही है जो हर पढ़ी हुई चीज के याद रख पाने की राह में रोड़ा बनता है। ऐसे में तनाव से बचना बेहद जरूरी है। इसके लिए खान-पान बेहतर होना तो जरूरी है ही साथ ही व्यायाम भी पर भी ध्यान देना आवश्यक है। योग में तनाव का सबसे बेहतर इलाज मौजूद है। कुछ योगासन ऐसे हैं जिन्हें करने से आप हर तरह के तनाव से मुक्त हो सकते हैं। चलिए जानते हैं कि वे योगासन कौन-कौन से हैं।

हलासन – हलासन तंत्रिका तंत्र को दुरुस्त दिमाग को शांत रखने में मददगार होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले लेटकर दोनों एड़ी पंजो को आपस में मिला लें। अब दोनों टांगों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और सांस बाहर निकालते हुए सर की तरफ लेकर आएं। अब पंजों को जमीन से टिका दें। अंत में धीरे-धीरे पूर्व अवस्था में लौट आएं।

वीरभद्रासन – एकाग्रता बढ़ाने तथा तनाव कम करने में वीरभद्रासन बेहद कारगर है। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे तनकर खड़े हो जाइए।। अब अपने दाएं पैर को 2 से 4 फिट तक आगे ले जाए। दाएं घुटने को हल्का-सा मोड़ दें और इस बात का ध्यान रखें कि बायां पैर सीधा हो तथा उसका तलवा जमीन के साथ लगा हुआ हो। गहरी सांस को लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर करें। अपने कंधों को आरामदायक स्थिति में रहने दें। दोनों कानों को अपने कंधे के पास न आने दें। अपनी सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए पूर्वावस्था में आ जाएं।

मत्स्यासन – तनाव और अवसाद से निपटने के लिए मत्स्यासन बेहतरीन आसन है। मत्स्यासन करने के लिए सबसे पहले आप पद्मासन या सिद्धासन में बैठ जाएं। पीठ का भाग जमीन से उठाइए तथा सिर को इतना पीछे ले जाइए कि सिर की चोटी का भाग जमीन से सटा रहे। दाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा और बाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ें। घुटनों को जमीन से लगाकर पीठ भाग का हिस्सा ऊपर उठाएं ताकि शरीर का केवल घुटने और सिर का हिस्सा ही जमीन को छूता रहे।

पर्वतासन – एकाग्रता और ध्यान बढ़ाने के लिए पर्वतासन किया जा सकता है। इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन या सिद्धासन में बैठ जाएं। सांस खींचते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और कानों से सटाते हुए दोनों हथेलियों को आपस में जोड़ें। कुछ सेकंड ऐसे रहने के बाद पहले की स्थिति में लौट आएँ।

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