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तनाव भगाता है चंद्र नमस्कार का नियमित अभ्यास, जानें क्या है करने की विधि

सूर्य नमस्कार की ही तरह चंद्र नमस्कार भी कई चरणों में पूरा होता है। इसे हमेशा चंद्रमा की दिशा की ओर होकर ही करना चाहिए।
source: You Tube ( प्रतीकात्मक चित्र)

सूर्य नमस्कार की ही तरह चंद्र नमस्कार भी कई चरणों में पूरा होता है। इसे करने से हमें स्वास्थ्य, मन की शांति, कल्पनाशक्ति, ऊर्जा और तेज की प्राप्ति होती है। चंद्र नमस्कार करने से शरीर को शीतलता प्राप्त होती है जिससे हमारे तंत्रिका तंत्र को काफी लाभ पहुंचता है। चंद्र नमस्कार को हमेशा चंद्रमा की दिशा की ओर होकर ही करना चाहिए। चंद्र नमस्कार के विभिन्न चरण इस प्रकार हैं –

1. चंद्र नमस्कार करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और अपने हाथों को ऊपर उठाएं। अब अपने शरीर का जितना भी हिस्सा पीछे की ओर झुक सकता है उतना झुकाएं। फिर दोनों हाथों को आसमान की तरफ खोल दें।

2. दूसरे चरण में अपने हाथों तथा कमर को आगे की ओर झुकाते हुए पैरों की ओर ले जाएं और अपने सिर को घुटनों से स्पर्श करें। साथ ही ध्यान रखें कि आपके घुटने न मुड़ें।

3. तीसरे चरण में अपने बाएं पैर को पीछे ले जाएं और सीधी रखें। अब दाएं पैर को घुटनों से मोड़ लें और शरीर का आधा भार दाएं पैर पर रखें। अपने हाथ दाएं पैर की ओर रखें।

4. चौथे चरण में उसी स्थिति में रहते हुए बाएं पैर के घुटने से भूमि को स्पर्श करें। अब अपने दाएं पैर को मोड़ते हुए 90 डिग्री का कोण बना लें। अब अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाते हुए कमर के ऊपरी भाग को पीछे की ओर झुका लें।

5. पांचवे चरण में तीसरे चरण की तरह दाएं पैर की जगह बाएं पैर पर अपने शरीर का सारा भार डाल दें। अब अपने दाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं और अपने हाथों को पंजो के पास रखें।

6. अब चौथे चरण की भांति बाएं पैर पर वजन दें और इस तरह से खड़े हो जाएं कि दाएं पैर का घुटना भूमि को स्पर्श करता रहे। अपने हाथों को ऊपर की ओर उठा लें।

7. सातवें चरण में अपने दोनों हाथों को जमीन पर रख लें और अपनी कमर के ऊपरी भाग को जितना हो सके उतना ऊपर उठा लें। इस तरह आप चार से पांच बार करें।

8. इस चरण में अपने दोनों घुटनों को भूमि से टिका लें। फिर अपने सिर को जमीन के साथ स्पर्श करें और अपने दोनों हाथों को जमीन पर रख दें।

9. नवें चरण में अपने दोनों घुटनें जमीन पर रखें और अपना सिर थोड़ा पीछे की ओर झुकाकर अपने हाथों को ऊपर की ओर रखें। अपने शरीर का सारा वजन घुटनों व अपनी एड़ियों पर रखें।

10. अपने दोनों हाथों को सामने की ओर रखते हुए डेढ़ फुट का अंतर रखें। इसके बाद पंजों और हाथों के बल बैठते हुए घुटनों को जमीन से ऊपर की ओर उठा लें।

11. दोनों पैरों के पंजों पर वजन देकर बैठें और अपने हाथों को जमीन के साथ स्पर्श करें।

12. इस चरण में सीधे खड़े होकर हाथों को प्रणाम की मुद्रा में रखें।

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