ताज़ा खबर
 
  • राजस्थान

    Cong+ 95
    BJP+ 80
    RLM+ 0
    OTH+ 24
  • मध्य प्रदेश

    BJP+ 111
    Cong+ 110
    BSP+ 4
    OTH+ 5
  • छत्तीसगढ़

    Cong+ 59
    BJP+ 22
    JCC+ 9
    OTH+ 0
  • तेलांगना

    TRS-AIMIM+ 93
    TDP-Cong+ 19
    BJP+ 1
    OTH+ 6
  • मिजोरम

    MNF+ 25
    Cong+ 10
    BJP+ 1
    OTH+ 4

* Total Tally Reflects Leads + Wins

योग की इन मुद्राओं से दूर हो सकती हैं दांत से जुड़ी समस्याएं

योग में हर समस्या का आसान उपाय छुपा है। अगर आप इसका अभ्यास सही तरीके से और नियमित रूप से करते हैं तो आपको दांत से जुड़ी कई समस्याओं से भी आराम मिल सकता है।

Author नई दिल्ली | November 30, 2018 2:41 PM
प्रतीकात्मक चित्र।

लोग अक्सर दांतों से जुड़ी समस्याएं होने की शिकायत करते हैं। दांत में दर्द होना, मसूड़ों से खून आना, पायरिया, कैविटी आदि दांतों में होने वाली आम समस्याएं हैं जो आपके दैनिक कार्य को बाधित करती हैं साथ ही आपको असहज महसूस करा सकती हैं। ऐसे में आप डेंटिस्ट से मिलने के लिए सोच रहे हैं तो जरा रुकिए और ये पढ़िए। हम आपको कुछ आसान योग की मुद्राएं बता रहे हैं जो आपको आसानी से दांत से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती हैं। इन मुद्राओं का नियमित अभ्यास आपको आराम दिला सकता है।

अपान मुद्रा
 Vata Naashak Mudra, apana mudra, अपान मुद्रा, वात नाशक मुद्रा, toothache, teeth problems, teeth health, oral health, health news, latest news, hindi news, Fashion, Trends, Health, Fitness, Hindi latest news, health, health news, harmful fashion trends, fashipn trends, fashion and health, jansatta

अपान मुद्रा का अभ्यास करने के लिए आप किसी भी जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और अपनी कमर और रीढ़ को सीधा रखें। अब अपनी मध्यमा और अनामिका अंगुलियों को अंगूठे के अग्रभाग पर मिलाएं और दबाएं। इस दौरान आपकी तर्जनी और कनिष्ठा अंगुली सीधी रहेंगी।

इस मुद्रा में 48 मिनट के लिए रहें। आप इसे 16-16 मिनट के लिए दिन में तीन बार अभ्यास कर सकते हैं। इसके अभ्यास से दांतों के दोष दूर रहते हैं और हृदय शक्तिशाली बनता है। कब्ज दूर होती है और शरीर की नाड़ियां शुद्ध होती हैं।

वात नाशक मुद्रा
इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए तर्जनी और मध्यमा अंगुलियों को मोड़कर हथेली से मिलाएं और इनके ऊपर अंगूठा रखें। बाकी दोनों अंगुलियों को सीधा रखें। इस मुद्रा का अभ्यास दिन में सुबह के समय 45 मिनट के लिए करें। आप इसका अभ्यास दिन में 4-5 बार 10-10 मिनट के लिए कर सकते हैं।

इस योग मुद्रा के अभ्यास से थकान दूर होती है, स्टेमिना बढ़ता है, मेमोरी अच्छी होती है, नींद अच्छी आती है, जोडों का दर्द, सीने में दर्द, पेट में दर्द, सिर में दर्द, दांत में दर्द और कान में दर्द आदि से आराम मिलता है। कब्ज और अधिक पसीना निकलने की परेशानी में राहत मिलती है।

आप दांतों से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए इनमें से किसी एक मुद्रा का अभ्यास भी कर सकते है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App