रोटी के बिना खाने की थाली अधूरी है। गोल-गोल मुलामय गर्मागर्म रोटी खाने को मिल जाए तो लोग स्वाद-स्वाद में अक्सर भूख से ज्यादा ही खा लेते हैं। कई लोगों की शिकायत होती है कि उनकी रोटी गोल नहीं बनती या फिर फूलती नहीं। रोटी बनाने के लिए सही आटा गूंथना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है सही चकला-बेलन। बाजार में संगमरमर, लकड़ी से लेकर ग्रेनाइट और स्टील तक चकला-बेलन भी कई विकल्पों में उपलब्ध है। लेकिन गोल रोटी बनाने के लिए सही चकला-बेलन इस्तेमाल करना भी जरूरी है। साथ ही इसका सेहत से भी कनेक्शन होता है। अगर इनकी साफ-सफाई में सावधानी न बरती जाए तो चकला-बेलन की वजह से स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं, आइए जानें इसके बारे में।
लकड़ी
इसका इस्तेमाल ज्यादातर घरों में किया जाता है। यह काफी सुविधाजनक होता है। क्योंकि यह हल्का होता है और गिरने पर भी नहीं टूटता। बस एक बात का ध्यान रखना है कि इस्तेमाल के बाद चकला-बेलन पूरी तरह से सूखा होना चाहिए। इसमें फफूंद लग सकती है। इसपर बैक्टीरिया पनपने और फंगस लगने का खतरा ज्यादा रहता है। इसकी सफाई बहुत सावधानी पूर्वक करना जरूरी है। इसे गंदा और गीला नहीं छोड़ना चाहिए। बैक्टीरिया या फंगस लगने पर अगर सही तरीके से इसकी सफाई न की जाए तो यह बीमारियों को न्योता दे सकता है।
संगमरमर
संगमरमर का चकला अपनी चिकनी और चमकदार सतह के कारण बेहद खूबसूरत दिखता है। इसके चकलों पर उभरे हुए डिज़ाइन और पैटर्न होते हैं। यह काफी हैवी होता है। इसपर रोटी गोल और पतली बनती है। यह लंबे समय तक चलता है। संगमरमर के चकले का एकमात्र नुकसान यह है कि यह काफी भारी होता है और गलत तरीके से संभालने पर टूट-फूट सकता है। इसे साफ करना आसान होता है।
कांच
आजकल बाजार में कांच के चकले भी मिलते लगे है। यह देखने में बेहद शानदार लगते हैं। कांच का चकला अक्सर कांच के बेलन के साथ आता है। यह कॉम्बो देखने में बेहद खूबसूरत लगता है। इसे साफ करना आसान होता है। यह रोटी बेलने के लिए एक चिकनी सतह देता है। इसका नुकसान यह है कि इसे इस्तेमाल करते समय आपको बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है। इसके टूटने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसपर रोटी भी बहुत ज्यादा सही नहीं बनती है।
ग्रेनाइट
ग्रेनाइट से बना चकला वजन में भारी हो सकता है। इसके अपने फायदे और नुकसान हैं। भारी ग्रेनाइट चकले का फायदा यह है कि चपातियां बेलते समय यह फिसलता नहीं है। इसपर रोटी पतली औऱ गोल बनती हैं। नुकसान यह है कि इसे संभालना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
स्टील
यह परफेक्ट रोटी बनाने के लिए काफी सही रहता है। स्टेनलेस स्टील का रखरखाव करना बेहद आसान होता है। यह लंबे समय तक चलका है। आपको ऐसा चकला चाहिए जो हल्का हो, कम रखरखाव वाला हो और आसानी से साफ हो जाए? स्टील का चकला चुनें। स्टील रसोई के बर्तनों जैसे प्लेट, चम्मच, कटोरी और यहां तक कि कंटेनर बनाने में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली धातु है। आप स्टील के चकले को अन्य बर्तनों के साथ आसानी से साफ कर सकते हैं, टूटने का कोई डर नहीं। इसमें बैक्टीरिया पनपने और फंगस लगने का खतरा न के बराबर होता है।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। यह जानकारी पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए एक्सपर्ट से जरूर परामर्श करें।
