मानसून में कई लोग गीली सड़क, सीढ़ियों या टाइल्स पर चलते समय अचानक फिसल जाते हैं। अक्सर लोग इसका दोष सिर्फ बारिश को देते हैं, लेकिन कई मामलों में चप्पल (स्लिपर) की ग्रिप भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है। अगर आप भी बारिश में फिसलने से बचना चाहते हैं, तो पहले यह समझना जरूरी है कि स्लिपर क्यों स्लिप होती है और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बारिश में चप्पल क्यों फिसलती है?
बारिश के दौरान सड़क, टाइल्स और सीढ़ियों पर पानी की एक पतली परत बन जाती है। जब चप्पल के सोल और सतह के बीच घर्षण (फ्रिक्शन) कम हो जाता है, तो पैर फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कुछ और वजहें भी हो सकती हैं:
- घिसा हुआ सोल: समय के साथ चप्पल के नीचे बने ग्रूव (खांचे) घिस जाते हैं, जिससे ग्रिप कम हो जाती है।
- चिकना सोल: कुछ स्लिपर के सोल काफी स्मूद होते हैं, इसलिए वे गीली सतह पर कम पकड़ बना पाते हैं।
- सोल में कीचड़ या तेल जमा होना: इससे भी चप्पल की पकड़ कमजोर हो सकती है।
- मार्बल, ग्रेनाइट या चमकदार टाइल्स: ऐसी सतहें गीली होने पर सामान्य से अधिक फिसलन भरी हो जाती हैं।
फिसलने का जोखिम कैसे कम करें?
घिसे हुए सोल वाली चप्पल बदल दें। खांचे खत्म हो चुके हैं, तो नई चप्पल लेना ज्यादा सुरक्षित है।
बारिश में रबर सोल या एंटी-स्लिप ग्रिप वाली स्लिपर चुनें। इन्हें मानसून के लिए इन्हें बेहतर माना जाता है।
सोल की नियमित सफाई करें। कीचड़, धूल और तेल हटाने से पकड़ बेहतर बनी रह सकती है।
गीली टाइल्स और सीढ़ियों पर धीरे-धीरे चलें। छोटे कदम रखने से संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
बहुत घिसी हुई या ढीली चप्पल पहनने से बचें। ऐसी चप्पल पैर की पकड़ भी कम कर सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं ये हैक्स
बारिश में चप्पल के फिसलने से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर सोल पर गोंद लगाने, सैंडपेपर रगड़ने या नमक लगाने जैसे कई हैक्स वायरल होते रहते हैं। इनके बारे में कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और कुछ मामलों में ये चप्पल को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए ऐसे उपाय अपनाने से पहले सावधानी बरतें।
