अक्सर जब लोगों को कुछ स्वादिष्ट खाने का मन करता है, तो वे रेस्टोरेंट जाते हैं। रेस्टोरेंट में मिलने वाली पनीर, चिकन और अन्य ग्रेवी वाले व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ ही उनकी ग्रेवी भी गाढ़ी, खुशबूदार और मसालेदार होती है। लेकिन जब घर पर कोई करी या ग्रेवी वाला व्यंजन बनाते हैं, तो रेस्टोरेंट जैसा स्वाद नहीं आ पाता। ऐसे में लोगों को लगता है कि रेस्टोरेंट के शेफ ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए किसी खास सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, असल में रेस्टोरेंट जैसी ग्रेवी का स्वाद किसी एक खास चीज से नहीं, बल्कि सही तकनीक और मसालों को पर्याप्त समय तक पकाने से आता है। शेफ के मुताबिक, रेस्टोरेंट जैसी स्वादिष्ट करी बनाने के लिए किसी एक खास सामग्री की जरूरत नहीं होती। इसके लिए धैर्य, सही तरीका और मसालों को सही क्रम में डालना जरूरी है।
प्याज को धीरे-धीरे अच्छी तरह भूनना, मसाले को पर्याप्त समय तक पकाना और ग्रेवी में पानी या अन्य तरल पदार्थ की सही मात्रा रखना जैसे छोटे-छोटे टिप्स करी के स्वाद में बड़ा अंतर ला सकते हैं। इन बातों को ध्यान में रखकर घर पर भी रेस्टोरेंट जैसी स्वादिष्ट और खुशबूदार ग्रेवी बनाई जा सकती है। इसपर इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने कई प्रसिद्ध शेफ से बात चीत की, तो उन्होंने बताया कि किन तरीकों से आप घर पर स्वादिष्ट करी बना सकते हैं।

तेल या घी का सही मात्रा होना जरूरी
तेल या घी करी के सभी स्वाद और मसालों को अच्छी तरह मिलाने में मदद करता है। सुफियाना बाय चेरिश के शेफ भारत शर्मा के मुताबिक, तेल या घी को अच्छी तरह गर्म करने से मसालों की खुशबू और स्वाद अच्छी तरह निकलता है और ग्रेवी में भी अच्छा गाढ़ापन और स्वाद आता है।
मसालों को कैसे पकाएं
मुख्य सामग्री डालने से पहले गर्म तेल या घी में मसालों का तड़का लगाने से करी का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। शेफ भरत शर्मा कहते हैं कि, “अन्य सामग्री डालने से पहले गर्म तेल या घी में जीरा, तेज पत्ता, इलायची या दालचीनी डालें। इससे मसालों की प्राकृतिक खुशबू अच्छी तरह निकलती है।”
नोएडा और दिल्ली स्थित साल्ट कैपे के हेड शेफ सुनील दसिला का कहना है कि, “कच्चे मसालों को हमेशा अच्छी तरह पकाएं। इससे ग्रेवी का स्वाद फीका या कड़वा नहीं लगेगा।”
बनारसवाला घाट से घर तक के आपरेशंस और किचन मैनेजर शेफ प्रशांत कुमार सिंह बताते हैं कि रेस्टोरेंट में स्वाद के लिए किसी एक मसाले पर निर्भर नहीं रहा जाता, बल्कि करी को अलग-अलग स्तर पर तैयार किया जाता है। खुशबू के लिए साबुत मसाले, गहरे स्वाद के लिए पिसे मसाले और अंत में ताजा धनिया, कसूरी मेथी या तड़के का इस्तेमाल किया जाता है।

मसाला पकाने का सही तरीका
घर पर बनी करी और रेस्टोरेंट की करी के स्वाद में सबसे बड़ा अंतर मसाला पकाने के तरीके का होता है। शेफ प्रशांत कहते हैं, “प्याज, अदरक, लहसुन और मसालों को अच्छी तरह पकने और अपना तेल छोड़ने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है। अगर आप बहुत जल्दी पानी या अन्य तरल पदार्थ डाल देंगे, तो करी का स्वाद कच्चा और फीका लग सकता है।” प्याज के बारे में खास तौर पर शेफ सुनील सलाह देते हैं कि इसे धीरे-धीरे धैर्य के साथ भूनना चाहिए। प्याज को अच्छी तरह भूनने से उसका स्वाद गहरा और हल्का कैरामेलाइज्ड हो जाता है, जिससे करी का स्वाद अधिक स्वादिष्ट बनता है। शेफ भरत भी कहते हैं कि अदरक और लहसुन को तब तक भूनें, जब तक उनकी कच्ची गंध खत्म न हो जाए। “टमाटर और पिसे हुए मसालों को तब तक पकाना चाहिए, जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए और उसमें से तेल अलग दिखाई देने लगे।”
गाढ़ी और स्वादिष्ट ग्रेवी बनाने के लिए सबसे जरूरी क्या है
रेस्टोरेंट जैसी करी सिर्फ तीखी और मसालेदार होने से स्वादिष्ट नहीं बनती। इसमें नमक, खट्टापन, मिठास और तीखापन सही मात्रा में होना चाहिए, ताकि हर निवाले में स्वाद का संतुलन बना रहे। शेफ सुनील करी में इन सभी स्वादों को संतुलित रखने की सलाह देते हैं। मसाला अच्छी तरह पक जाने के बाद ग्रेवी में पानी या किसी अन्य तरल पदार्थ की मात्रा और उसे डालने का सही समय भी बहुत मायने रखता है। शेफ भारत कहते हैं, “गर्म पानी या स्टॉक को धीरे-धीरे डालें। बहुत ज्यादा पानी डालने से मसालों का स्वाद हल्का हो जाता है, जबकि धीमी आंच पर पकाने से ग्रेवी अच्छी तरह गाढ़ी और स्वादिष्ट बनती है।” शेफ सुनील के अनुसार, परोसने से ठीक पहले करी का स्वाद और बेहतर किया जा सकता है। इसके लिए ऊपर से थोड़ा तड़का, क्रीम, ताजी हर्ब्स या थोड़ा सा घी डालकर करी का स्वाद और बेहतर किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और इंडियन एक्सप्रेस द्वारा विशेषज्ञों से की गई बातचीत में मिली जानकारी पर आधारित है।
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