काफी लोगों को बागवानी का शौक होता है। कोई अपनी छत को तो कोई अपनी बालकनी को मिनी गार्डन बनाता है। इसमें लोग तरह-तरह की सब्जियां, रंग-बिरंगे फूल, फल और हरे-भरे सजावटी पौधे लगाते हैं। ये न सिर्फ घर की सुंदरता को बढ़ाते हैं बल्कि वातावरण को भी ताजा रखते हैं। लेकिन कई बार इन पौधों की बेहतर तरीके से ग्रोथ नहीं होती है। पौधे कमजोर रह जाते हैं, उनकी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या फिर वे बढ़ना ही बंद कर देते हैं। ऐसे में समझ नहीं आता कि आखिर गलती कहां हो रही है।

दरअसल, पौधों की धीमी या खराब ग्रोथ के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे सही मिट्टी का चयन न होना, जरूरत से ज्यादा या कम पानी देना। ऐसे ही कई और कारण होते हैं। आइए जानते हैं:

1- मिट्टी
अगर गमले में बहुत सख्त या साधारण मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है, तो इससे पौधों की जड़ें ठीक से फैल नहीं पातीं और उनकी ग्रोथ रुक जाती है। ऐसे में जरूरी है कि मिट्टी हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर हो। इसके लिए 50% गार्डन मिट्टी, 30% कम्पोस्ट और 20% रेत या कोकोपीट मिलाकर मिट्टी तैयार करें। ऐसी मिट्टी में ड्रेनेज क्षमता बेहतर होती है, नमी की मात्रा बनी रहती है और जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे पौधे तेजी से और स्वस्थ तरीके से बढ़ते हैं।

2- कहीं पानी तो गलत नहीं दे रहे
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सही मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कम या ज्यादा पानी दोनों ही नुकसान पहुंचाते हैं। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ें सड़ सकती हैं, जबकि कम पानी से पौधे सूखने लगते हैं। इसलिए हमेशा मिट्टी की ऊपरी परत को देखकर ही पानी देना चाहिए, जब यह सूखी लगे तभी पानी डालें।

3- धूप का रखें ध्यान
पौधों की सही ग्रोथ के लिए धूप का संतुलन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि हर पौधे की धूप की जरूरत अलग-अलग होती है। आमतौर पर ज्यादातर पौधों को रोजाना 4-6 घंटे की सीधी या हल्की धूप की आवश्यकता होती है, जिससे वे स्वस्थ और हरे-भरे बने रहते हैं। अगर इनडोर पौधा है, तो उसे रोज कुछ समय के लिए बाहर ऐसी जगह रखें जहां उसे प्राकृतिक रोशनी मिल सके। वहीं, अगर पौधे की पत्तियां पीली हो रही हैं तो यह ज्यादा या कम धूप मिलने का संकेत होता है।

4- खाद
इन सबके अलावा पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सही पोषण मिलना बेहद जरूरी है, क्योंकि बिना पर्याप्त पोषक तत्वों के पौधे कमजोर होने लगते हैं और उनका विकास रुक जाता है। ऐसे में समय-समय पर खाद देना जरूरी होता है। हर 15-20 दिन में ऑर्गेनिक खाद जैसे वर्मीकम्पोस्ट, गोबर की खाद या किचन वेस्ट कम्पोस्ट का उपयोग कर सकते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की ग्रोथ बेहतर तरीके से होती है।

5- छंटाई
पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए समय-समय पर छंटाई करना भी जरूरी होता है, क्योंकि सूखी, खराब या बीमार टहनियां नई ग्रोथ को रोकती हैं। ऐसे में नियमित रूप से सूखे पत्ते, मुरझाई शाखाएं और कमजोर हिस्सों को काटते रहना चाहिए।

6- कीटों से बचाव का तरीका
पौधों पर कीट भी लगते हैं और कई बीमारियां भी होती हैं, जो धीरे-धीरे पौधों को कमजोर कर देती हैं। इसलिए समय रहते इनसे बचाव करना जरूरी होता है। इसके लिए हर 20-25 दिन में नीम का तेल पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे कर देना चाहिए।

डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।

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