क्या आप भी बालों में मुल्तानी मिट्टी लगाते हैं? अगर हां, तो आपको पता होना चाहिए यह हर किसी पर इसका असर एक जैसा नहीं होता है। जहां ऑयली स्कैल्प वाले लोगों को इससे फायदा मिल सकता है, वहीं बहुत ज्यादा ड्राई या कर्ली बालों में गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर रूखापन बढ़ सकता है। मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखने का काम करती है।
लेकिन इसे यह बालों को पोषण देने वाला पदार्थ नहीं माना जाता है। ऐसे में इसका असर आपके Hair Type और Scalp Type पर भी निर्भर करता है। अगर बिना इन्हें समझे इसका इस्तेमाल किया जाए, तो कुछ लोगों के बाल रूखे और बेजान भी महसूस हो सकते हैं। आइए जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें।
ऑयली स्कैल्प
अगर आपके स्कैल्प बहुत ऑयली हैं तो इसे लगाने से अतिरिक्त तेल कम हो सकता है। स्कैल्प ज्यादा साफ महसूस हो सकते हैं। चिपचिपापन कम हो सकता है।
रूखे या घुंघराले बाल
अगर आपके बाल कर्ली हैं या फिर बहुत ज्यादा ड्राई हैं तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे बालों में पहले से ही प्राकृतिक तेल कम मात्रा में बालों की लंबाई तक पहुंच पाता है। अगर मुल्तानी मिट्टी बार-बार तेल सोख ले, तो बाल और ज्यादा रूखे महसूस हो सकते हैं। इससे उलझने, टूटने और फ्रिज़ (Frizz) की समस्या बढ़ सकती है।
कलर या केमिकल ट्रीटमेंट वाले बाल
अगर आपने हाल फिलहाल कलर या केमिकल ट्रीटमेंट करवाया है तो बालों की बाहरी परत (Cuticle) पहले से अधिक संवेदनशील हो सकती है। ऐसे में बार-बार गहराई से साफ करने वाले (Clarifying) उत्पाद या क्ले मास्क लगाएंगे तो बाल ज्यादा ड्राई लग सकते हैं। रंग जल्दी फीका पड़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना बेहतर है।
स्कैल्प संवेदनशील है तो रहें सावधान
अगर आपको एक्जिमा,सोरायसिस, बहुत ज्यादा खुजली, बार-बार एलर्जी की समस्या है तो तो कोई भी नया DIY हेयर पैक लगाने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए। मुल्तानी मिट्टी कुछ लोगों में स्कैल्प को और शुष्क या असहज महसूस करा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। मुल्तानी मिट्टी का असर हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। यह लेख किसी भी प्रकार के चिकित्सीय निदान, उपचार या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।
