कार और बाइक का इस्तेमाल आज के समय में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दोनों ही वाहन अलग-अलग जरूरतों के अनुसार उपयोग किए जाते हैं। ये दोनों ही वाहन हमारी यात्रा को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाते हैं। चाहे ऑफिस जाना हो, बाजार का काम हो या लंबी दूरी तय करनी हो, हर जरूरत के अनुसार से लोग इनका इस्तेमाल करते हैं, जिससे समय की काफी बचत होती है। लेकिन कई बार चलते-चलते इन वाहनों से खट-पट की आवाज आने लगती है, कुछ पार्ट्स खराब हो जाते हैं या फिर इनका माइलेज कम हो जाता है। इन समस्याओं का सबसे बड़ा कारण समय पर सर्विसिंग न करवाना होता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कार व बाइक को कितने किलोमीटर चलाने के बाद उनकी सर्विसिंग करवा लेनी चाहिए, ताकि उनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो सके और अचानक होने वाली दिक्कतों से बचा जा सके।
कार की सर्विस सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, मौसम, ईंधन की गुणवत्ता और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करती है। धूल, खराब सड़कें और भारी ट्रैफिक के कारण इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है, इसलिए सर्विसिंग जल्दी करानी पड़ सकती है।
कितने किलोमीटर पर कराएं कार की सर्विसिंग:
कार की सर्विसिंग कराने की मियाद इस बात पर निर्भर करती है कि आप मुख्यतः किस तरह के इलाके में गाड़ी चला रहे हैं। अतः हम आपको अलग-अलग परिस्थिति के हिसाब से बताएंगे कि कार की सर्विसिंग कब करानी चाहिए।
शहर में चलने वाली कार की सर्विस
अगर आप शहर के भारी ट्रैफिक में ड्राइव करते हैं, बार-बार ब्रेक और एक्सीलेरेशन होता है, या धूल भरे-खराब रास्तों पर कार चलाते हैं, तो इंजन और फिल्टर जल्दी गंदे हो जाते हैं। ऐसे में 5,000 से 7,500 किलोमीटर पर सर्विसिंग करवा लेनी चाहिए। इसमें आमतौर पर इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर बदलना, एयर फिल्टर साफ-चेंज करना, ब्रेक चेक करना और बेसिक इंस्पेक्शन शामिल होता है, जिससे कार की परफॉर्मेंस बनी रहती है और बड़े खर्च से बचाव होता है।
हाईवे पर चलने वाली कार की सर्विस
अगर आपकी कार ज्यादातर हाईवे पर चलती है या कम ट्रैफिक वाले इलाकों में इस्तेमाल होती है, तो इंजन पर कम दबाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में 7,500 से 10,000 किलोमीटर (हालांकि, कंपनियां 10 से 15 हजार किलोमीटर तक चालने पर सर्विस के लिए कहती हैं, लेकिन भारत में सड़कों और पर्यावरण को देखते हुए थोड़े कम पर करवाना बेहतर होता है) तक चलाने के बाद सर्विसिंग करवा लेनी चाहिए। इस दौरान ऑयल, फिल्टर, ब्रेक, सस्पेंशन और फ्लूइडस् (कूलेंट, ब्रेक ऑयल आदि) की जांच और जरूरत अनुसार बदलाव किया जाता है, जिससे कार स्मूद और सुरक्षित रहती है।
कम इस्तेमाल होती है कार तो कब करवाएं सर्विस
अगर कार ज्यादा इस्तेमाल नहीं होती, तो साल में एक बार सर्विस जरूर करवा लेना चाहिए। दरअसल, समय के साथ इंजन ऑयल की गुणवत्ता घटती है, बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है और रबर पार्ट्स (जैसे पाइप, बेल्ट) पर असर पड़ता है। सालाना सर्विस से इन सभी चीजों की जांच हो जाती है और अचानक खराबी आने का खतरा कम हो जाता है।
बाइक की कब करवाएं सर्विस
बाइक की सर्विसिंग कराने के लिए यह देखना जरूरी है कि आप नियमित रूप से किस परिस्थिति में गाड़ी चलाते हैं।
शहर में चलने वाली बाइक की सर्विस
अगर आप रोजाना शहर के ट्रैफिक में बाइक चलाते हैं धूल भरे रास्तों पर चलते हैं या बार-बार छोटी दूरी की राइड करते हैं, तो इंजन ऑयल जल्दी खराब होता है और चेन-सेट पर ज्यादा असर पड़ता है। ऐसे में 3,000 किमी पर सर्विस करवाना बेहतर होता है। हालांकि, बीच-बीच में इंजन ऑयल चेक करते रहें, कहीं वो खराब तो नहीं हो रहे।
हाईवे पर चलाने वाली बाइक की सर्विस
अगर आप बाइक का शहर और टूटी सड़कों पर कम इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर हाईवे पर चलाते हैं तो फिर पांच हजार किमी चलाने के बाद सर्विस करवा सकते हैं।
ऐसी बाइक की साल में एक बार करवाए सर्विस
अगर आपकी बाइक ज्यादा इस्तेमाल नहीं होती और अधिकतर समय खड़ी रहती है तो भी साल में एक बार सर्विस करवा सकते हैं। दरअसल, समय के साथ इंजन ऑयल खराब हो जाते हैं और बैटरी भी कमजोर हो सकती है, चेन या ब्रेक पार्ट्स पर असर पड़ सकता है। ऐसे में साल में एक बार सर्विस जरूर करवा लेनी चाहिए।
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