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कोरोना वायरस के 99 मरीजों पर हुई रिसर्च में क्या मिला? जानिए क्या-क्या बदलाव लाता है ये खतरनाक वायरस

Coronavirus Cause, Symptoms, Treatment: अस्पताल में ले जाए गए 99 मरीजों में से सभी को निमोनिया था। उनके फेफड़ों में सूजन थी और छोटी थैली जहां ऑक्सीजन हवा से ब्लड में जाती है वहां पानी भर रहा था।

Coronavirus, Coronavirus Cause, coronavirus news, coronavirus cure, coronavirus symptoms, coronavirus treatment, coronavirus death toll, coronavirus china, coronavirus uk, coronavirus vaccine, coronavirus india, corona virus kya h, corona virus china in hindiCoronavirus: जानिए कोरोना वायरस से जुड़ी कुछ खास खबर

कोरोना वायरस वायरस का एक विशिष्ट परिवार है। इस वायरस से प्रभावित लोगों में सर्दी, सांस संबंधित समस्या या फिर आंतों से जुड़ी समस्या जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। कोरोना वायरस का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में कई सवाल आते हैं जैसे- इसके लक्षण क्या है, इलाज कैसे होता है, क्या इस वायरस से लड़ने के लिए कोई मेडिसिन है? कोरोना वायरस के 99 मरीजों पर हुई रिसर्च में पाया गया कि आखिर इस वायरस से प्रभावित लोगों के शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

फेफड़ों पर हमला: अस्पताल में ले जाए गए 99 मरीजों में से सभी को निमोनिया था। उनके फेफड़ों में सूजन थी। अन्य लक्षण:
– 82 लोगों को बुखार
– 81 लोगों को कफ
– 31 लोगों को सांस लेने में समस्या
– 11 लोगों की मांसपेशियों में ऐंठन
– 8 लोगों के सिर में दर्द
– 5 लोगों को गले में खराश

जो पहले से बीमार थे: 99 में से अधिकांश में अन्य बीमारियां थीं जो शायद उन्हें “इन रोगियों के कमजोर प्रतिरक्षा कार्यों के परिणामस्वरूप” वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है:
– 40 लोगों में हृदय रोग और स्ट्रोक के कारण दिल का दौरा पड़ चुका था। कमजोर हार्ट और डैमेज्ड ब्लड वेसेल्स जैसी स्थिति भी थी।

– 12 मरीजों को डायबिटीज था।

वास्तव में, चीन के वुहान में जिन रोगियों की मृत्यु हुई है, उनमें से कई को लीवर की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या थी।

मध्यम आयु वर्ग के पुरुष सबसे अधिक प्रभावित होते हैं: 99 में से अधिकांश रोगी मध्यम आयु वर्ग के थे, जिनकी औसत आयु 56 थी – और उनमें से 67 पुरुष थे। चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों ने कहा कि 1.2 पुरुष संक्रमित थे। अंतर के लिए दो संभावित स्पष्टीकरण हैं:
– पुरुषों को गंभीर रूप से बीमार होने पर अस्पताल जाकर इलाज करवानी चाहिए।
– सामाजिक या सांस्कृतिक कारणों के कारण पुरूष इस वायरस के संपर्क में अधिक आते हैं।

क्या मास्क पहनने से वायरस से बचा जा सकता है? लंदन विश्वविद्यालय के सेंट जॉर्ज के डॉ. डेविड कैरिंगटन ने बीबीसी समाचार को बताया, “जनता के लिए नियमित सर्जिकल मास्क हवा में किए गए वायरस या बैक्टीरिया के खिलाफ एक प्रभावी सुरक्षा नहीं है।” लेकिन यह कई हद तक इस वायरस को सांस के माध्यम से शरीर में जाने से रोक सकता है। इसके अलावा कफ और खांसी से भी बचाने में मदद कर सकता है।

एनएचएस कहता है कि फ्लू जैसे वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है:
– नियमित रूप से अपने हाथों को गर्म पानी और साबुन से धोएं।
– आंखों और नाक को हमेशा छुनें से बचें।
– फिट और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।

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