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Blood Sugar Level: 40-50 साल की उम्र में कितना होना चाहिए ब्लड शुगर लेवल? जानिये इस उम्र में शुगर हाई रहे तो कैसे करें कंट्रोल

डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल अगर 300 को पार कर जाए तो मुसीबत बन सकता है।

Blood Sugar Level: 40-50 साल की उम्र में कितना होना चाहिए ब्लड शुगर लेवल? जानिये इस उम्र में शुगर हाई रहे तो कैसे करें कंट्रोल
शुगर बढ़ने पर पानी का अधिक सेवन करें शुगर कंट्रोल रहेगी। photo-freepik

उम्र बढ़ने के साथ-साथ बीमारियों के जोखिम भी बढ़ने लगते हैं। उम्र के चालीस साल पार करने पर इम्युनिटी कम होने लगती है और बीमार होने का आसार ज्यादा रहता हैं। डायबिटीज के मरीजों पर उम्र बढ़ने का ज्यादा असर दिखता है। शुगर के मरीजों की इम्युनिटी बेहद कम होती है और उम्र बढ़ने का असर भी उनकी सेहत पर ज्यादा दिखता है। डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए बॉडी को एक्टिव रखें, लाइफस्टाइल में बदलाव करें, तनाव से दूर रहें और डाइट पर कंट्रोल करें। डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर को रोज़ाना चेक करना बेहद जरूरी है।

उम्र बढ़ने पर शुगर की बीमारी के जोखिम बढ़ने लगते हैं। ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने से उसका असर दिल, किडनी, लंग्स और आंखों पर भी देखने को मिलता है। 40-50 साल की उम्र में शुगर के मरीजों को चाहिए कि वो अपने शुगर लेवल पर नजर रखें। अब सवाल ये उठता है कि इस उम्र में शुगर का स्तर कितना होना चाहिए और अगर बढ़ जाए तो उसे कंट्रोल कैसे करें। आइए जानते हैं कि 40-50 साल की उम्र में शुगर लेवल का स्तर कितना हो और बढ़ी हुई शुगर को कैसे कंट्रोल करें।

40-50 साल की उम्र में कितना होना चाहिए ब्लड शुगर लेवल:

जिन डायबिटीज के मरीजों की उम्र 40-50 साल है तो उनकी फास्टिंग शुगर 90 से 130 mg/dL होना ठीक है। खाने के बाद शुगर लेवल 140 mg/dl से कम होना चाहिए। रात के खाने के बाद 150 mg/dl का स्तर सामान्य माना जाता है। शुगर लेवल अगर 300 को पार कर जाए तो आपके लिए मुसीबत बन सकता है। इसलिए कोशिक करें कि इस उम्र में शुगर लेवल हमेशा 200 से नीचे ही रहे। शुगर के मरीज उम्र बढ़ने पर शुगर की रेगुलर जांच करें। शुगर की जांच करेंगे तो आपको बढ़ी हुई डायबिटीज का पता रहेगा और आप उसे आसानी से दवाईयों और डाइट से कंट्रोल कर पाएंगे।

40-50 साल की उम्र में शुगर हाई रहे तो कैसे करें कंट्रोल:

पानी ज्यादा पीएं:

इस उम्र में शुगर हाई है तो सबसे पहले आप प्राथमिक उपचार शुरू कर दें। प्राथमिक उपचार से मतलब है कि आप सबसे पहले ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें। पानी का ज्यादा सेवन करने से बॉडी से बढ़ी हुई ग्लूकोज यूरिन के जरिए बाहर निकलने लगती है। शुगर के मरीजों को प्यास ज्यादा लगती है, अगर आप पानी ज्यादा पीएंगे तो आपकी बॉडी भी हाइड्रेट रहेगी। पानी शुगर को कंट्रोल करने में बेहद असरदार है।

वॉक या एक्सरसाइज करें:

डायबिटीज के मरीजों के लिए बॉडी को एक्टिव रखना जरूरी है। शुगर के मरीज वॉक और एक्सरसाइज करें शुगर कंट्रोल रहेगी। जिन लोगों की शुगर अचानक बढ़ गई है, वो बॉडी को एक्टिव करके शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं।

दवाईयों या इंसुलिन का सेवन करें:

डायबिटीज के मरीज शुगर को कंट्रोल करने के लिए दवाई या इंसुलिन का पर्याप्त डोज़ लें। दवाईयों का सेवन करने से शुगर कंट्रोल रहती है।

शुगर घटता बढ़ता है तो एचबीए1सी जांच कराएं:

अगर शुगर लेवल घटता-बढ़ता है तो इसके लिए दवा या इंसुलिन की सही डोज फिक्स करना जरूरी है। शुगर का पता लगाने के लिए आप एचबीए1सी की जांच कराएं। इससे ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबीन का पता चलता है।

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