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बंगला, गाड़ी, और सिक्योरिटी से लेकर वेतन-भत्ता तक, जानिये- पूर्व राष्ट्रपति को मिलती हैं कौन-कौन सी सुविधाएं

Powers Of President In India: भारत के पूर्व राष्ट्रपति (Ex-President Of India) को हर महीने कितनी पेंशन मिलती है? आज हम आपको बताते हैं, पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ी हर बात जिसे बेहद कम ही लोग जानते हैं।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फोटो- @rashtrapatibhvn)

द्रौपदी मुर्मू को भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को भारी मतों के अंतर से हराया था। द्रौपदी मुर्मू को जहां 6,76,803 वोट मिले, वहीं विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3,80,177 वोटों से संतोष करना पड़ा। कई बड़े नेताओं ने इस बात पर भी खुशी जताई है कि पहली बार कोई आदिवासी महिला देश के सबसे ऊंचे पर आसीन हुई है।

राष्ट्रपति पद से जुड़ी कुछ बेहद अहम और रोचक जानकारियां आज हम आपको बताने जा रहे हैं। भारत के मुखिया होने के साथ-साथ राष्ट्रपति भारत के प्रथम नागरिक भी होते हैं। भारत के राष्ट्रपति के साथ-साथ वह भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ भी होते हैं। भारत में, राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं-

कार्यकाल के दौरान मिलने वाली सुविधाएं

भारत के मुखिया यानि राष्ट्रपति, प्रेसीडेंट हाउस (राष्ट्रपति भवन) में रहते हैं। भारत का राष्ट्रपति भवन विश्व का सबसे बड़ा राष्ट्रपति भवन है। भारत के राष्ट्रपति के वेतन और भत्ते भारत की संसद द्वारा तय किए जाते हैं। इसके साथ भारत के राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख प्रति माह + अन्य भत्ते जिसमें मुफ्त चिकित्सा, आवास और मुफ्त इलाज की सुविधा (पूरे जीवन) प्रदान की जाती है। हालांकि भारत सरकार राष्ट्रपति आवास, स्टाफ, भोजन, आतिथ्य जैसे अन्य खर्चों पर सालाना करीब 22.5 करोड़ रुपये खर्च करती है।

भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास, राष्ट्रपति भवन में करीब 340 कमरे हैं और इसका फ्लोर एरिया 2,00,000 वर्ग फुट है और सुरक्षा के तौर पर एक कस्टम-बिल्ड ब्लैक मर्सिडीज बेंज S600 (W221) पुलमैन गार्ड के साथ आधिकारिक यात्राओं के लिए हथियारों से लैस एक लंबी लिमोसिन भी दी जाती है।

राष्ट्रपति के पास न्यायिक व्यवस्था में हस्तक्षेप के अधिकार

देश का प्रधानमंत्री न्यायिक व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करता है, लेकिन भारत के राष्ट्रपति के पास ऐसी शक्ति है, जिसका उपयोग करके वह अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा को माफ कर सकता है। प्रधानमंत्री के पास ऐसी शक्ति नहीं है। इसके अलावा देश के राष्ट्रपति को भी देश में आपातकाल घोषित करने का अधिकार होता है। खुद प्रधानमंत्री इसका आदेश नहीं दे सकते। हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 74(1) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि राष्ट्रपति की सहायता एक कैबिनेट करेगा और इसका मुखिया प्रधानमंत्री होगा। राष्ट्रपति, उनकी सलाह पर ही सभी आदेश देता है।

रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाएं

भारत के राष्ट्रपति सेवानिवृत्ति के बाद कई भत्तों के हकदार होते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें हर महीने 1।5 लाख रुपये पेंशन के रूप में मिलते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति की पत्नी को 30,000 रुपये प्रतिमाह की सचिवीय सहायता मिलती है। उन्हें पेंशन के साथ एक सुसज्जित किराया मुक्त बंगला (टाइप VIII) भी दिया जाता है।

आपको बता दें, प्रेसिंडेट इमॉल्‍यूमेंट्स एक्ट 1951 के तहत पूर्व राष्‍ट्रपति को पूरी तरह से फर्निशड बंगला दिया जाता है। जिसका किराया सरकार उठाती है। इसके साथ ही दो फ्री लैंडलाइन और एक मोबाइल फोन दिया जाता है। जिसमें नेशनल रोमिंग की सुविधा होती है। इन सबके अलावा पूर्व राष्ट्रपतियों को सरकार की ओर से जिंदगी भर ट्रेन और प्लेन में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाती है।

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति को सरकार की ओर से कार चलाने के लिए ड्राइवर दिया जाता है। चालक का वेतन सरकार देती है। पूर्व राष्ट्रपति की कार के पेट्रोल का खर्च भी सरकार वहन करती है। साथ ही, भारत के सेवानिवृत्त राष्ट्रपति को अपने शेष जीवन के लिए देश में कहीं भी मुफ्त आवास, पानी और बिजली की सुविधा का अधिकार है। आपको बता दें, ये सभी सुविधाएं पूर्व राष्ट्रपति को राष्ट्रपति पेंशन नियम 1962 के तहत दी जाती हैं।

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