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इस तरह फैलता है जीका वायरस, नहीं बरती सावधानी तो पड़ सकता है भारी

जीका वायरस संक्रमण के दौरान सामान्य फ्लू के लक्षण नज़र आते हैं जिसमें आपको शरीर में दर्द और जुकाम-बुखार आदि हो जाते हैं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इसे साधारण जुकाम-बुखार की दवा खाकर और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर भी ठीक किया जा सकता है।

Author Published on: October 17, 2018 2:04 PM
एडीज मच्छर ही जीका वायरस के संक्रमण का कारण बनते हैं।

जयपुर में जीका वायरस  के 80 मामले सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बीते मंगलवार को इस मामले पर एक बैठक बुलाई। ईधर राजस्थान सरकार भी मामले पर पूरी नज़र रखे हुए है और जीका वायरस की रोकथाम के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि जीका वायरस कैसे फैलता है और इससे बचने के लिए आप क्या उपाय कर सकते हैं।

1.क्या है जीका वायरस-
डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाला एडीज मच्छर ही जीका वायरस भी फैलाता है। इस वायरस की खोज तो वर्ष 1947 में ही कर ली गई थी लेकिन इस बीमारी की तरफ लोगों का ध्यान पहली बार तब गया जब वर्ष 2015 में ब्राजील में पैदा होने वाले बच्चे जीका वायरस के कारण माइक्रोसिफेली जैसी घातक बीमारी के साथ पैदा हुए। इस बीमारी के कारण पैदा होने वाले शिशुओं का दिमाग छोटा और अविकसित रह जाता है।

2. कितना खतरनाक है जीका वायरस-
जीका वायरस संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक होता है। इससे उनके पेट में पल रहे शिशु को माइक्रोसिफेली नामक बीमारी हो जाती है जिससे उनका दिमाग पूरा विकसित नहीं हो पाता है। कुछ देशों में जीका वायरस के कारण लोग गिल्लन बर्रे सिंड्रोम नामक एक न्यूरोलॉजिकल सिंड्रोम का भी शिकार हो गए, इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को लकवा मार सकता है साथ ही इससे मौत भी हो सकती है।

3.जीका वायरस के लक्षण-
जीका वायरस संक्रमण के दौरान सामान्य फ्लू के लक्षण नज़र आते हैं जिसमें आपको शरीर में दर्द और जुकाम-बुखार आदि हो जाते हैं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इसे साधारण जुकाम-बुखार की दवा खाकर और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर भी ठीक किया जा सकता है। बीमारी के बढ़ जाने के कारण त्वचा पर रैशेज और कंजक्टिवाइटिस जैसे समस्याएं भी हो सकती है। आमतौर पर इस संक्रमण की अवधि 3-14 दिन होती है।

4.जयपुर में कितना अधिक है जीका का प्रकोप-
23 सितंबर से अब तक जयपुर में जीका वायरस के 80 मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि दवाओं और परीक्षण किटों की कोई कमी नहीं है और वह स्थिति की निगरानी के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के संपर्क में हैं। सरकार का कहना है कि जीका वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए 330 टीमें तैनात की गई हैं। 4.34 लाख लोगों और 2.04 लाख से अधिक प्रजनन स्थलों की जांच की गई है, जिनमें से 74,000 से ज्यादा मच्छर लार्वा पाए गए हैं। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही हैं, और प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक घर में गर्भवती महिलाओं की संख्या को ध्यान में रख रही है।

5. जीका वायरस के प्रकोप से खुद को बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी है।
जीका संक्रमण से निपटने के लिए सावधानियां-

  • मच्छरदानी का प्रयोग करें
  • पूरी बांह के कपड़े पहने
  • यह यौन संचरित रोग भी होता है इसलिए यौन संबंध बनाते वक्त सावधानी बरतें।

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