शादी से पहले अगर कोई कपल अलग होता है तो उसे ब्रेकअप कहते हैं। वहीं, शादी के बाद अगर अलग होना चाहता है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिसे तलाक कहते हैं। लेकिन आजकल अल्पाइन डिवोर्स का चलन तेज होते जा रहा है। यह मॉडर्न रिलेशनशिप में अलग होने का नया तरीका है। यह ऐसा फैसला है जिसमें कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती है। इसमें लोग अचानक अपने पार्टनर को छोड़ देते हैं। वह भी ऐसी जगह जो खतरनाक हो और चुनौतियों से भरी हुई हो। इससे पहले उसे पता भी नहीं होता है कि उसके साथ कुछ ऐसा होने वाला है। आइए जानते हैं क्या है अल्पाइन डिवोर्स:

जिस तरह इंटरनेट की एक डार्क वेब होती है, उसी तरह डेटिंग की दुनिया में भी कुछ खतरनाक ट्रेंड और रेड फ्लैग्स होते हैं। अब तक हम यही मानते थे कि दुर्व्यवहार, प्रताड़ना और गैसलाइटिंग (मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक शोषण) ही रिश्ते के सबसे बड़े रेड फ्लैग होते हैं। लेकिन, अल्पाइन डिवोर्स इससे भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है।

अल्पाइन का मतलब क्या है
आगे बढ़ने से पहले अल्पाइन का मतलब जान लेते हैं। दरअसल, ये शब्द अल्प्स से आया। ये यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो स्विट्जरलैंड, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया और जर्मनी सहित कई देशों तक फैली है। इसे खतरनाक पर्वत श्रृंखला माना जाता है। यहां की पहाड़ियों बेहद ही खतरनाक हैं। यहां मौसम कब बदल जाए कोई पता नहीं है। अचानक हिमस्खलन, ग्लेशियरों के पिघलने से चट्टानों के गिरने और दुर्गम ऊंचाई के कारण खतरा लगातार बना रहता है। अल्पाइन भी इसी तरह का खतरनाक शब्द है। जिसके चलते इस ट्रेंड को अल्पाइन डिवोर्स कहा जाता है।

किसे कहते हैं अल्पाइन डिवोर्स
अल्पाइन डिवोर्स का मतलब होता है कि किसी एडवेंचर के दौरान, जैसे पहाड़ों में हाइकिंग या जंगल में घूमते समय अपने पार्टनर को बीच में ही छोड़ देना। सीधे सामने बैठकर यह कहने के बजाय कि वे रिश्ता खत्म करना चाहते हैं, ऐसे खतरनाक तरीके अपनाते हैं। अल्पाइन डिवोर्स में अपने पार्टनर को लोग ऐसी जगह छोड़ देते हैं जहां उसकी जान को खतरा हो सकता है। ऐसा लोग बातचीत से बचने और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए करते हैं। लेकिन यह खतरनाक हो सकता है। जिस तरह अल्प्स पहाड़ियों में जिंदगी की अब-तक लगी रहती है, ठीक वैसे ही अल्पाइन डिवोर्स में भी लोगों की जिंदगी खतरे में बनी रहती है।

कैसे लेते हैं फैसला
जिस किसी को भी अल्पाइन डिवोर्स लेना होता है वह अपनी या अपने पार्टनर के साथ किसी कठिन और रोमांचक पहाड़ी रास्ते पर हाइकिंग या फिर किसी घने जंगल में घूमने का प्लान बनाता है। पार्टनर को लगता है कि यह एडवेंचर दोनों के लिए यादगार साबित होगा। हाइकिंग के बीच में ही पार्टनर अपने प्रेमी या पत्नी को बीच में छोड़कर चला जाता है। वह भी ऐसी जगह छोड़ता है जहां पर हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इसमें रास्तों का खतरनाक होना, सुनसान इलाका और कड़ाके की ठंड शामिल है। दूसरे पार्टनर को इस बात की भनक भी नहीं लगती है कि उसकी जिंदगी में इतना बड़ा मोड़ आने वाला है जिसकी उसने कभी कल्पना ही नहीं की थी।

सच्ची कहानी या कल्पना है
इस शब्द की उत्पत्ति अल्पाइन यानी पहाड़ी क्षेत्रों से मानी जाती है जो अपने कठिन रास्तों और खराब मौसम के लिए जाने जाते हैं। एक किताब है जिसका नाम है ऐन अल्पाइन डिवॉर्स’ (An Alpine Divorce) जिसके लेखक रॉबर्ट बर थे। यह कहानी एक ऐसे आदमी की है जो स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वतों की यात्रा के दौरान अपनी पत्नी को मारने की योजना बनाता है। यह एक सच्ची कहानी है या फिर सिर्फ कल्पना, यह बात सिर्फ लेखक को ही पता होगी। लेकिन इस किताब के आने के बाद अल्पाइन डिवोर्स का चलन बढ़ गया। आधुनिक युग में डेटिंग के इस शब्द ने लोगों पर ऐसा प्रभाव डाला की लोग अपने पार्टनर से सीधी बात कहने के बजाय यह खतरनाक फैसला लेते हैं।

क्यों लेते हैं अल्पाइन डिवोर्स का सहारा
जब कोई कपल ब्रेकअप करता है, यानी अपने रिश्ते को खत्म करता है तो इसपर वह पहले काफी विचार करते हैं। इसके बाद अंतिम निर्णय पर पहुंचते हैं। एक दूसरे से अलग होने की वजह समझते हैं। एक दूसरे की गलतियों को समझते हुए, आगे के भविष्य के बारे में सोचते हुए अलग होते हैं। वहीं, तलाक एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें, अदालत तय करता है। लेकिन अल्पाइन इन सबसे परे हैं। सीधी भाषा में कहें तो, पार्टनर के सामने बात रखने की हिम्मत नहीं होती है, सामने बैठकर यह बात कहने से बचना चाहता है। वह सवालों से बचने के लिए ऐसे जोखिम भरे फैसले लेता है।
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