Ramadan 2026: इस्लाम का सबसे पाक माह रमजान का महीना शुरू होने वाला है। रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है। यह हर मुस्लिम के लिए बेहद खास होता है। इस महीने में लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इबादत, सब्र, इंसानियत, आत्मशुद्धि को यह महीना समर्पित होता है। रमजान के इस पवित्र महीने में अच्छा कार्य करने से 70 गुना अधिक शबाब मिलता है। इस्लामी कलेंडर के दसवें महीने शव्वाल का चांद दिखाई देने पर शव्वाल की एक तारीख को खुदा का शुक्रिया करते हुए ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। आइए आसान भाषा में समझें क्या है रमजान, सहरी और इफ्तार और इस पाक माह से कुरान का क्या है विशेष संबंध।

रमजान क्यों है इतना खास?

अरबी कैलेंडर के 9वें महीने का नाम रमजान है। इसकी शुरुआत चांद देखकर की जाती है। साथ ही यह माह खत्म भी चांद देखने के बाद ही होता है। रमजान अरबी भाषा का शब्द है, जोकि ‘रम्ज़’ से बना है। इसका अर्थ ‘तेज या फिर तपती हुई गर्मी’। इस्लामिक मान्यता के अनुसार इसी पाक महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को अल्लाह से कुरान की आयतें मिली थीं।

क्या होती है सहरी

पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जो चीज की है उसे अगर कोई करता है तो उसे सुन्नत कहा जाता है। रमजान के महीने में जो लोग रोजा रखते हैं वह सुबह उठते हैं। इसके बाद खाना-पीना खाते हैं। इसी खाने को ही सहरी कहते हैं। यह शब्द सहर से बना है। जिसका अर्थ होता है भोर, सवेरा।

क्या होता है इफ्तार?

शाम के समय मगरिब की नमाज के बाद रोजा इफ्तार किया जाता है। रोजेदार दिन भर कुछ भी नहीं खाते हैं। यहां तक कि पानी भी नहीं पीते हैं। शाम को सूरज छपने के बाद रोजा खोला जाता है।

रमजान का कुरान से संबंध

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार पवित्र किताब कुरान के उतरने की शुरुआत भी इसी महीने की एक रात से हुई थी। इसलिए इस रात को ‘लयलतुल कद्र/शब-ए-कद्र’ भी का जाता है।