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World Thyroid Day 2022 : थायराइड का बढ़ना और घटना दोनों ही बढ़ा सकते हैं परेशानी, जानिए कैसे करें इसे कंट्रोल

थॉयराइड बढ़ने या घटने का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर देखने को मिलता है।

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जब जब गले में पाई जाने वाली थॉयराइड ग्रंथि सामान्य कार्य करना बंद कर देती है, तब थायराइड की समस्या आती है। photo-freepik

थायराइड (Thyroid)की परेशानी बॉडी में आयोडीन की कमी के कारण होती है। जब थायराइट ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का निर्माण नहीं कर पाती तो बॉडी में कई तरह की परेशानियां पैदा होने लगती है। थायराइड खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की खराबी से पनपने वाली बीमारी है जिसका घटना और बढ़ना दोनों बॉडी को नुकसान पहुंचा सकता है। थायराइड की परेशानी बॉडी में आयोडीन की कमी के कारण होती है।

जब जब गले में पाई जाने वाली थायराइड ग्रंथि सामान्य कार्य करना बंद कर देती है, तब थायराइड की समस्या आती है। तितली के आकार की यह ग्रंथि वोकल कॉर्ड के नीचे और गले के सामने वाले भाग में पाई जाती है। थायराइड हॉर्मोन का बढ़ना और घटना दोनों ही नुकसानदेह हैं। थायराइड बढ़ने को हाइपर थायराइड कहते हैं जबकि थायराइड घटने को हाइपोथायरॉयडिज्म कहा जाता है। थायराइड बढ़ने या घटने का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर देखने को मिलता है।

थायराइड की वजह से मरीज में तनाव, हेयर फॉल और अनियमित पीरियड्स की परेशानी हो सकती है। आइए जानते हैं कि थायराइड का कम और बढ़ना किस तरह सेहत को प्रभावित करता है और इसे कैसे कंट्रोल करें।

थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms): इस बीमारी की चपेट में आने के बाद (Thyroid symptoms)बॉडी में कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं, जैसे वजन का तेजी से बढ़ना, गर्दन में सूजन, हमेशा थकान , गुस्सा आना, स्किन ड्राई होना,महिलाओं को टाइम से पीरियड न आना, ठंड लगना और डिप्रेशन होना शामिल है।

थायराइड के बढ़ने और घटने से होने वाली परेशानियां।

थायराइड के मरीजों में थायराइड कम या ज्यादा होने से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बॉडी में थायराइड कम होने से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटने लगता है। खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से दिल के रोगों का खतरा अधिक रहता है। थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है जरुरत से ज्यादा इसके निर्माण से कब्ज और दस्त की समस्या हो सकती है।

थायराइड को कैसे करें कंट्रोल: थॉयराइड के मरीज अपनी डाइट में बदलाव करके इस बीमारी पर काबू पा सकते हैं। थॉयराइड को कंट्रोल करने के लिए अलसी के बीज का सेवन करें। ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर अलसी के बीज थॉयराइड को कंट्रोल करते हैं।

  • थायराइड के बेलेंस करने के लिए मरीज़ नारियल का सेवन करें। नारियल मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है साथ ही थॉयराइड की परेशानी को कंट्रोल करता है।
  • थॉयराइड के मरीज हल्दी का सेवन करें। हल्दी थॉयराइड को कंट्रोल करती है। हल्दी का सेवन दूध के साथ किया जाए तो ज्यादा असदार होगा।
  • थॉयराइड के मरीज कद्दू के बीज का सेवन करें। कद्दू के बीज में प्रचूर मात्रा में जिंक मौजूद होता है, जो थॉयराइड हार्मोन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
  • थॉयराइड को कंट्रोल करने के लिए डाइट में मांस,मछली और अंडे का सेवन करें।

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