गोरखपुर को हिंदुत्व की लैबोरेट्री बना दी, नाम बदलने का सिलसिला कहां रुकेगा? योगी आदित्यनाथ से पूछा सवाल तो मिला था ऐसा जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा गया था, ‘गोरखपुर को हिंदुत्व की लेबोरेटरी बना दिया, नाम बदलने का सिलसिला कहां रुकेगा?’ तो उन्होंने कुछ ऐसा जवाब दिया था।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo- Indian Express)

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार विपक्षी दलों पर हमलावर हैं। बीते दिनों उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘पिछली सरकार में दलितों पर झूठे मुकदमें दर्ज किए जाते थे और आतंकियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाता था।’ चुनावी जोड़-तोड़ और बनते-बिगड़ते समीकरण के बीच सीएम योगी का एक पुराना इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे गोरखपुर और शहरों का नाम बदलने को लेकर सवालों का जवाब देते दिख रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ से सवाल: ‘ABP न्यूज़’ के एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ से सवाल किया जाता है, ‘आपने गोरखपुर को हिंदुत्व की लेबोरेट्री बनाकर रख दिया है। आप अलीनगर का नाम आर्यनगर रख देते हैं, उर्दू बाजार का नाम हिंदी बाजार, ये कहां जाकर रुकेगा?’ इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी कहते हैं, ‘बिल्कुल होना चाहिए। अतीत के गौरव के साथ वर्तमान को जुड़ना चाहिए। अली के गोरखपुर का मतलब कहां से है? आर्यों से है। उस अतीत के गौरवशाली पलों के साथ वर्तमान समाज जुड़ता है तो मुझे लगता है उसके सामने बहुत सारी संभावनाएं होंगी।’

योगी आदित्यनाथ मुस्कुराते हुए आगे कहते हैं, ‘हमें संकीर्ण दायरे में चलने की जगह हाईवे पर चलना चाहिए और हाईवे पर चलने के लिए एक रास्ता तैयार किया जा रहा है। अगर नाम बदलने से हमारे देश का गौरवशाली इतिहास प्रतीत होता है तो इसमें परेशानी क्या है?’

किन जगहों के बदले नाम: बता दें, यूपी में योगी सरकार आने के बाद तमाम शहरों और जगहों के नाम बदल दिये गए। इस कड़ी में सबसे ताजा नाम फैजाबाद रेलवे स्टेशन का है, जिसे अब अयोध्या कैंट कर दिया गया है। साथ ही दिल्ली स्थित दो भवनों यूपी सदन और यूपी भवन का नाम बदकर उत्तर प्रदेश सदन त्रिवेणी रखा गया, जबकि यूपी भवन का नाम उत्तरप्रदेश भवन संगम किया गया है।

इससे पहले फैजाबाद जिले का नाम भी बदला गया था। फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया था। वहीं, इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था। इसी तरह चंदौली जिले के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय रखा गया था। वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बदलकर बनारस स्टेशन, इलाहाबाद जंक्शन का नाम बदलकर प्रयागराज जंक्शन, इलाहाबाद सिटी स्टेशन का प्रयागराज रामबाग, इलाहाबाद छिवकी का प्रयागराज छिवकी और प्रयागराज घाट का प्रयागराज संगम किया गया था।

यूपी की पहचान बदली? एक अन्य इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने भी योगी आदित्यनाथ से इसको लेकर सवाल पूछा था, ‘आप तो सिर्फ नाम ही बदलते हैं। लोग कहते हैं कि जब से योगी जी यूपी में आए हैं तबसे राज्य की पहचान ही बदल दी है। पहले यूपी को आगरा और ताजमहल के लिए जाना जाता था। जबसे आप आए हैं लोग कहते हैं कि वाराणसी भी वहां पर है, प्रयागराज भी वहां पर है।’

इसके जवाब में सीएम योगी मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, ‘हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या किया, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया। इसमें क्या गलत किया? इससे हमारे देश की संस्कृति जुड़ी हुई है। ऐसा अपनी संस्कृति की पहचान के लिए किया जा रहा है।’

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