Urad dal vadi recipe: होली के बाद मौसम बदलने लगता है। इन दिनों कई जगहों पर महिलाएं एक पारंपरिक व्यंजन बनाती हैं जिसका नाम है उड़द दाल की बड़ी। इन्हें धूप में 2 से 3 दिन सुखाया जाता है और सालभर सब्जी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए दाल में कई तरह के मसाले भी डाले जाते हैं। इसके बाद मिश्रण को छोटे-छोटे गोले बनाए जाते हैं। धूप में सुखाने के बाद इन्हें लंबे समय तक स्टोर किया जाता है। इनमें आलू डालकर सब्जी बनाई जाती है। वहीं कुछ लोग बैंगन, लौकी या पनीर के साथ भी इसे डालकर सब्जी बनाते हैं। तेहरी में भी इन्हें डालकर खाया जाता है।
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
उड़द दाल- 1 कप (200 ग्राम) (दरदरी पिसी हुई)
कुम्हड़ा- 500 ग्राम
हींग- 1 पिंच
अदरक- 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ)
बेकिंग सोडा- 1/4 पिंच से कम
जीरा- ½ छोटी चम्मच
लौंग- 4
काली मिर्च- ½ छोटी चम्माच (दरदरी कुटी हुई)
दालचीनी- 1 टुकड़ा
साबुत धनिया- 2 छोटी चम्मच
हरी मिर्च- 2 (बारीक कटी हुई)
नमक- ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
दाल बड़ी बनाने की विधि
सबसे पहले दाल को धोकर करीब 2 से 3 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। फिर इसे धो लें। साथ ही मोटे छिलके भी हटा दें। फिर सूती कपड़े में बांधकर किसी थाली पर रख दीजिए। इसके ऊपर भारी चीज रखें। इसे दबाकर थोड़ी देर के लिए रख दें। ऐसा करने से पानी निकल जाएगा। अब हींग, अदरक डालें। इसके बाद दाल में जीरा, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी , साबुत धनिया नमक के साथ डालकर हल्का दरदरा पीस लें। मिश्रण को ढककर रात भर के लिए रख दें। ऐसा करने से दाल अच्छे से फूल जाती है।
सुबह दाल में बेकिंग सोडा डालकर अच्छे से फैंट लें। दाल को इतना फैंटना है कि दाल को पानी में गिराकर देखें, तो वो तैरनी चाहिए। दाल में हरी मिर्च और पिसे मसाले डाल दीजिए। वड़ियां बनाने के लिए मिश्रण तैयार है। वड़ियां बनाने के लिए थालियां लीजिए और इनको थोड़े से तेल सा चिकना कर लीजिए। हाथ को भी तेल से चिकना करके थोड़ी सी दाल उठाएं और उंगलियों से गोल-गोल तोड़कर थोड़ी-थोड़ी दूर पर रख दीजिए। इन्हें सुखाने के लिए थालियों को 2 से 3 दिन के लिए धूप में रख दीजिए। इनको एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिए। इन्हें आप साल भर तक यूज कर सकते हैं।
