नौकरी के साथ यशिनी नागराजन ने क्लियर की थी UPSC परीक्षा, ऑप्शनल सब्जेक्ट बदलकर मिली कामयाबी, जानिए कैसे करें तैयारी

यशिनी नागराजन आज भले ही आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन उनके लिए यहां तक पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की है।

Yashni Nagrajan
IAS अधिकारी यशिनी नागराजन (Photo- Yashni Nagarajan/Instagram)

UPSC एग्जाम को लेकर पढ़े-लिखे युवाओं में एक अलग क्रेज देखने को मिलता है। कई बार युवाओं के लिए नौकरी के साथ तैयारी करना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे कैंडिडेट की कहानी बताएंगे जिन्होंने अपनी नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। न सिर्फ तैयारी की बल्कि इस परीक्षा में कामयाबी भी हासिल की थी। इनका नाम है- यशिनी नागराजन।

यशिनी नागराजन आज भले ही आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन उनके लिए यहां तक पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्हें ये सफलता चौथे प्रयास में मिली है। यशिनी नागराजन का परिवार मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है। लेकिन उनके पिता अरुणाचल प्रदेश शिफ्ट हो गए थे। इसलिए यशिनी की सारी स्कूली पढ़ाई यहीं से हुई है। यशिनी ने बताया था कि पहले प्रयास में तो उनका प्रीलिम्स तक क्लियर नहीं हो पाया।

कमियों पर काम करना जरूरी: यशिनी ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘जब मेरा प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं हो पाया तो मैं काफी निराश हो गई थी। क्योंकि ये मेरे लिए भी चौंकाने वाला था। मैं शुरुआत से ही पढ़ाई में होशियार रही हूं। मैं पढ़ाई में कभी कम नहीं रही थी, बल्कि मेरी अब तक की सभी पढ़ाई भी अच्छे से हुई थी, लेकिन इसके बाद मैंने तैयारी शुरू की। कुछ गलतियों पर भी काम किया। इसके बाद दूसरे प्रयास में भी मेरा चयन नहीं हुआ।’

यशिनी बताती हैं, तीसरे प्रयास में उनकी रैंक 834 आई थी और वह अपनी इस रैंक से बिल्कुल भी खुश नहीं थीं। इसलिए उन्होंने अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट में भी बदलाव किया था। यशिनी ने अपने आगे के प्रयासों में गलती को सुधारा और अपनी कमजोरियों पर सबसे ज्यादा मेहनत की। यशिनी कहती हैं कि किसी भी कैंडिडेट के लिए ऑप्शनल का चुनाव बहुत ज्यादा जरूरी है इसलिए सोच-समझकर इसे चुनें। अगर कंफ्यूजन हो तो जीएस की मदद लें। उसे पढ़कर देखें कि किस विषय में रुचि आ रही है। इसके बाद भी समझ न आए तो पिछले सालों के प्रश्न-पत्र देख लें।

यशिनी कहती हैं, आपको नोट्स बनाने पर भी काम करना चाहिए। ये बहुत जरूरी होती है, क्योंकि आप नोट्स के बिना पढ़ाई नहीं कर सकते और इसमें आपको बहुत ज्यादा परेशानी भी होती है। बार-बार किताब खोलकर पढ़नी भी बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाती है।

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