UPSC: स्कूल की फीस भरने के भी नहीं होते थे पैसे, एक्सीडेंट होने के बाद भी शक्ति सिंह आर्या ने दिया था एग्जाम, आज हैं IPS

शक्ति सिंह आर्या के परिवार के पास उनकी स्कूल फीस तक भरने के पैसे नहीं हुआ करते थे। आज वह एक IPS अधिकारी हैं और अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय वे अपने माता-पिता को देते हैं।

IPS, Shakti Singh Arya
IPS शक्ति सिंह आर्या (Photo- Shakti Singh Arya/Instagram)

UPSC Exam: हर साल लाखों बच्चे सिविल सर्विस एग्जाम में अपनी मेहनत आजमाते हैं, लेकिन चुनिंदा लोगों को ही इस एग्जाम में सफलता हासिल हो पाती है। कई बार असफलता से कैंडिडेट्स निराश हो जाते हैं। जबकि कुछ कैंडिडेट्स अपनी असफलता को ही अपनी चुनौती मान लेते हैं और मेहनत करने लगते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी IPS अधिकारी शक्ति सिंह आर्या की भी है।

पिता करते थे पोस्ट ऑफिस में काम: शक्ति सिंह का परिवार मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के डिडवाडी गांव का रहने वाला है। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी इसी स्कूल में हुई है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन काफी मुश्किलों में गुजरा था और परिवार के पास कभी स्कूल की फीस भरने तक के भी पैसे नहीं हुआ करते थे। उनके पिता राजबीर सिंह पोस्टमास्टर हैं, लेकिन तनख्वा परिवार चलाने के लिए काफी नहीं हुआ करती थी।

अंग्रेजी बोलने में होती थी परेशानी: शक्ति सिंह ने बताया था, मेरी बचपन में पेंसिल खोने की बहुत बुरी आदत थी। लेकिन अगले दिन मुझे पेंसिल मांगने पर भी कई बार नहीं मिल पाती थी क्योंकि रोज़ाना पेसिंल खरीदने के भी पैसे नहीं हुआ करते थे। कई बार स्कूल की फीस तक नहीं भर पाता था तो मुझे क्लास से बाहर कर दिया गया था। पानीपत से पढ़ाई करने के बाद वह दिल्ली आ गए थे और यहां से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की थी। ग्रेजुएशन करने के दौरान उन्हें अंग्रेजी बोलने में काफी मुश्किल होती थी। उन्होंने बताया था कि कई बार मैं गलत अंग्रेजी बोलता था, जिसकी वजह से लोग मेरे ऊपर हंसते भी थे।

UPSC CSE-2019 में 587 रैंक हासिल की थी और IRS के लिए चुने गए थे। उन्होंने याद किया था कि मेरे लिए ये सफर आसान नहीं था क्योंकि मेन्स से पहले मेरा बहुत बुरा एक्सीडेंट हो गया था। मैं मोटरसाइकिल से जा रहा था और मेरा हेल्मेट निकलकर दूर चला गया था। मैं जैसे ही खड़ा तो देखा मेरा सिर सही था, हाथ और आंखें भी ठीक थी। मैंने सोचा बस अब मैं एग्जाम दे सकता हूं। मैंने एग्जाम दिया और क्लियर भी किया था। शक्ति सिंह ने इसके बाद भी अपनी तैयारी नहीं छोड़ी थी और UPSC CSE-2020 में एक बार फिर बैठे थे। इस बार उनकी 480 रैंक आई थी और उनका चयन IPS के लिए हो गया था।

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
नवरात्र में कैसे करे रंगों का चुनाव?
अपडेट