बीजेपी ने हिंदुत्व छोड़ा तो क्या चुनाव हार जाएगी? रजत शर्मा ने पूछा था प्रवीण तोगड़िया से सवाल तो मिला था ऐसा जवाब

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने प्रवीण तोगड़िया से बीजेपी की हार का कारण पूछा था तो उन्होंने पार्टी के दोहरे रवैये को जिम्मेदार ठहराया था।

Pravin Togadia, VHP
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया (Photo- Indian Express)

उत्तर प्रदेश के चुनाव नतदीक आ रहे हैं और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज होती जा रही है। कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी लगातार प्रचार कर रही हैं। प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा था कि कांग्रेस हिंदुत्व पर दोहरा मापदंड अपनाती है और अब ये बात साबित भी हो चुकी है। क्योंकि एक-तरफ कांग्रेस के नेता उन्हें हिंदुओं की नेता बताते हैं, जबकि दूसरी तरफ हिंदुत्व का अपमान करते हैं।

सिद्धार्थ नाथ सिंह के इस बयान की खूब चर्चा हो रही है। इसी मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया का पुराना इंटरव्यू सामने आया है। प्रवीण तोगड़िया से रजत शर्मा ने सवाल पूछा था, ‘बीजेपी की कई राज्यों में हार हुई है। आप कह रहे हैं कि बीजेपी ने इसलिए चुनाव हारा क्योंकि उन्होंने आपके एजेंडे पर काम नहीं किया। यानी बीजेपी हिंदुत्व छोड़ देगी तो कोई चुनाव नहीं जीत पाएगी? ऐसा तो नहीं है कि जिन राज्यों में हार हुई वहां कोई हिंदू ही नहीं है।’

इसके जवाब में प्रवीण तोगड़िया कहते हैं, ‘बीजेपी की हार का बिल्कुल यही कारण है कि वो हिंदुत्व के एजेंडे पर खरी नहीं उतरती है। बीजेपी ने जब हिंदुत्व छोड़ा तो चुनाव हारना शुरू हो गए थे। जिन राज्यों में बीजेपी जीती वहां कुछ क्षेत्रीय फैक्टर था, लेकिन जहां हारी वहां हिंदुत्व एक बड़ा कारण था। बीजेपी ने जब हिंदुत्व छोड़ा तो उसे किसी हिंदू ने वोट नहीं दिया, लेकिन उसे मुस्लिम ने भी छोड़ दिया। मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीतिक भारत के विभाजन के साथ शुरू हुई थी। राम मंदिर आंदोलन में ये राजनीति खत्म हुई।’

हाल ही में प्रवीण तोगड़िया ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा था जब उन्होंने हिंदू-मुस्लिम के पूर्वज एक हैं। इसके जवाब में तोगड़िया ने कहा था, ‘अगर ऐसा ही है तो क्या महाराणा प्रताप, शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह की लड़ाई गलत थी? जिन्होंने हिंदू धर्म को बचाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था और अपने प्राण तक त्याग दिए थे। अगर गौरक्षा करने वालों को आज भागवत जी आतंकी बता रहे हैं तो क्या आरएसएस और वीएचपी भी इतने समय से आंतक की फैकट्री चला रहा था?’

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट