बुलेट से चलते हैं- काला चश्मा लगाते हैं, क्या ऐसी है दलितों की छवि? राहुल कंवल के सवाल पर ऐसा था चंद्रशेखर आज़ाद का जवाब

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद से वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने उनके लुक को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था।

Chandrashekhar Azad Ravan
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद एक बार फिर चर्चा में हैं। चंद्रशेखर आजाद ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इन चुनावों में 403 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी और समान विचारधारा वाले लोगों से ही गठबंधन किया जाएगा। चंद्रशेखर आजाद अपने अलग लुक और बेबाक बयान देने के लिए पहचाने जाते हैं। वह कई इंटरव्यू में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के प्रति अपनी नाराज़गी भी जाहिर कर चुके हैं।

वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने एक बार अलग लुक को लेकर उनसे सवाल पूछा था, ‘इंटर कॉलेज में पढ़ने वाला शेखर, चंद्रशेखर आजाद कैसे बना?’ इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘हमने कई प्रकार का जातीय भेदभाव सहन किया। हमें कॉलेज में खाने नहीं दिया जाता था और पानी नहीं पीने दिया जाता था। वो सब चीजें मैंने महसूस कीं। कॉलेज में हमें सवर्ण जाति के लड़के पानी तक नहीं पीने देते थे। ये आज़ाद भारत में रोज़ाना होता है। मैं आगे बैठा था तो क्लास में मुझे पीछे कर दिया जाता था। यहीं से इसकी शुरुआत हुई थी।’

राहुल कंवल ने अगला सवाल पूछा था, ‘अब तक लोगों के बीच दलितों की छवि थी कि वो पिछड़े होते हैं। आपने उस छवि को तोड़ने का प्रयास किया है। आपके बाल, जैल और बुलेट मोटरसाइकिल, क्या ये आपके एक कोशिश है?’ इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘भारत संविधान से चलता है। मुझे प्राप्त अधिकारों का मैं प्रयोग कर रहा हूं। साहब कांशीराम ने कहा था कि हमें अपनी लड़ाई के लिए बैलेट के साथ बुलेट की तैयारी भी रखनी होगी। अगर इस देश के संविधान पर आंच आएगी तो इसकी जरूरत भी पड़ेगी।’

राहुल कंवल सवाल करते हैं, ‘आपके टशन में कोई कमी नहीं है। पहले जो दलित नेता होते थे वो ऐसे टशन में नहीं रहते थे?’ इसके जवाब में चंद्रशेखर कहते हैं, ‘आपकी भाषा में ये टशन है, लेकिन मेरी भाषा में ये गौरव है। लोग कहेंगे कि ये आज़ाद का झूठा घमंड है। हमारे अधिकारों को अब कोई छीन नहीं सकता है। मैं उन लोगों के लिए काम करूंगा जिन्हें परेशान किया गया। मैं बहुजनों की बात करता हूं, मेरी लड़ाई किसी सर्वजन से नहीं है। हम अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।’

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
पढ़े: क्या है हमारी लाइफ मे ‘VITAMIN B’ का महत्त्व