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यूपी का वो बाहुबली जिसे पुलिस ने घोषित कर दिया था मरा, दोस्त के साथ एनकाउंटर में जान जाते-जाते बची थी

बनारस की सड़कों पर अभय और धनंजय के गैंग के बीच खुलेआम गोलियां चलीं। अभय सिंह द्वारा किए गए ‌इस हमले में बाहुबली धनंजय सिंह बाल-बाल बचे थे।

dhananjay singh, malahani vidhansabha, jaunpurधनंजय सिंह (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ आज उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे भी आ रहे हैं। जौनपुर जिले की मल्हनी विधानसभा सीट से बाहुबली नेता धनंजय सिंह निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। धनंजय इससे पहले दो बार विधायक और एक बार सांसद भी रह चुके हैं। मल्हनी विधानसभा पर वोटों की गिनती चल रही है और धनंजय सिंह समाजवादी पार्टी के लकी यादव से पीछे चल रहे हैं।

धनंजय सिंह बाहुबली राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उनके उपर हत्या और लूटपाट के मामले भी दर्ज हैं। 2018 में बागपत जेल में मारे गए कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने अपने पति की हत्या की साजिश में भी धनंजय सिंह के शामिल होने का आरोप लगाया था। 2017 विधानसभा चुनाव में दिए गए हलफनामे के मुताबिक धनंजय सिंह पर तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा बाहुबली धनंजय सिंह 5 करोड़ से अधिक रुपयों की संपत्ति के मालिक हैं।

जब पुलिस ने कर दिया मरा घोषित: छात्र राजनीति से सियासत में कदम रखने वाले धनंजय सिंह 1998 आते-आते 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश ‌बन गए थे। यूपी का पुलिस महकमा धनंजय सिंह को जिंदा या मुर्दा पकड़ने में लगा हुआ था। बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार 17 अक्टूबर 1998 को पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि धनंजय भदोही में एक पेट्रोल पंप पर डकैती डालने वाले हैं।

पुलिस ने छापा मारा और मुठभेड़ के बाद धनंजय समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पर उस एनकाउंटर में धनंजय सिंह मारे ही नहीं गए थे, बल्कि वो एक फेक एनकाउंटर था। कुछ महीने बाद धनंजय खुद सामने आ गए और तब भदोही के फेक एनकाउंटर का राज खुल गया। इसके बाद फेक एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि यह मामला अभी भी अदालत में चल रहा है।

दोस्त से एनकाउंटर में बाल-बाल बचे थे धनंजय: लखनऊ यूनिवर्सिटी में धनंजय की मुलाकात अभय सिंह से हुई थी और धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गाढ़ी हुई। हालांकि दोनों का साथ लंबे वक्त तक नहीं चला और कुछ ही दिनों में दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। अक्टूबर 2002 में अभय सिंह ने कथित तौर पर बनारस में धनंजय सिंह के काफिले पर हमला कर दिया।

बनारस की सड़कों पर अभय और धनंजय के गैंग के बीच खुलेआम गोलियां चलीं। अभय सिंह द्वारा किए गए ‌इस हमले में बाहुबली धनंजय सिंह बाल-बाल बचे थे। इस हमले में धनंजय के गनर औऱ सहयोगी समेत 4 लोग घायल हो गए थे। धनंजय ने अभय के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई थी।

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