भारतीय घरों में आम, लहसुन, मिर्च, नींबू, कटहल आदि के तरह-तरह के अचार बनाए जाते हैं। घर का बना अचार अगर सही तरीके से रखा जाए तो यह लंबे समय तक खराब नहीं होता है और इसका स्वाद भी बना रहता है। लेकिन कई बार सही देखभाल करने के बाद भी अचार में फफूंद लग जाती है। खासकर बरसात के मौसम में या नमी बढ़ने के कारण यह समस्या अधिक देखी जाती है। ऐसे में काफी लोग हल्की फफूंदी देखते ही पूरे अचार को फेंक देते हैं।

कई बार फफूंदी सिर्फ ऊपरी सतह पर रहती है। अगर अचार में तेज बदबू, रंग में बदलाव या सड़न की समस्या नहीं है, तो कुछ सावधानियां अपनाकर आप अचार को दोबारा सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं। आइए जानते हैं उन तरीकों के बारे में जिसकी जरिए फफूंदी लगने के बाद भी अचार को सुरक्षित तरीके से रखा जा सकता है।

फफूंदी क्यों लगती है

अचार में फफूंदी लगने की मुख्य वजह नमी या तेल की कमी हो सकती है। जब अचार हवा और नमी के संपर्क में आता है तो उसके मसालों में और सतह पर फंगस लगने लगती है। इसके साथ ही जूठे या गंदे हाथों व चम्मच से भी अचार निकालने से वे खराब हो सकते हैं।

पहला तरीका

सबसे पहले सूखे और साफ चम्मच की मदद से फफूंदी लगी पूरी परत को निकाल दें। फफूंदी नीचे के हिस्सों में नहीं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही इस दौरान गीला या इस्तेमाल किया हुआ चम्मच बिल्कुल न डालें। फफूंदी हटाने के बाद अचार को साफ और सूखे बर्तन में निकालकर कुछ घंटों के लिए अच्छी धूप में रख दें। इससे अतिरिक्त नमी कम हो जाती है और अचार अधिक सुरक्षित रह सकता है।

दूसरा तरीका

अगर अचार में तेल कम हो गया है, तो सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म कर लें। इसके बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर इतना तेल डालें कि अचार पूरी तरह डूब जाए। अगर जरूरत पड़े तो थोड़ा सा नमक और भुना हुआ मसाला भी मिला दें। अब पुराने जार को गर्म पानी से धोकर अच्छी तरह धूप में सुखा लें। इसके बाद अचार को दोबारा भर दें। इन उपायों से केवल सतही फफूंदी की स्थित में अचार को दोबारा सुरक्षित तरीके से रखा जा सकता है। यदि अचार से तेज बदबू आने लगे, उसका रंग असामान्य लगे या फफूंदी अंदर तक फैल गई है, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना चाहिए।

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