आज के समय में वर्टिकल गार्डन का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। दरअसल, शहरों में बढ़ती कंक्रीट की दीवारों और कम होती खुली जगह के बीच कई लोग हरियाली के लिए वर्टिकल गार्डन लगा रहे हैं। इसे कोकोपीट और कुछ ऑर्गेनिक खाद की मदद से आसानी से लगाया जा सकता है।
कहां लगाएं वर्टिकल गार्डन?
वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए सबसे पहले दीवार का चयन करें। आप इसके लिए बालकनी, ड्रॉइंग रूम की खाली दीवार, सीढ़ियों के पास या छत पर लगी दीवार का चयन कर सकते हैं। अब आप दीवार पर मजबूत फ्रेम या रेडीमेड वर्टिकल गार्डन पैनल लगाएं। दरअसल, इन पैनलों में छोटे-छोटे पॉकेट या गमले लगे होते हैं, जिनमें पौधों को आसानी से लगाया जा सकता है।
वर्टिकल गार्डन के लिए करें कोकोपीट का उपयोग
वर्टिकल गार्डन में नॉर्मल मिट्टी की जगह कोकोपीट का उपयोग करना बेहतर होता है। दरअसल, पौधों में पानी डालने पर कोकोपीट पानी को लंबे समय तक रोककर रखता है, जिससे पौधों में नमी काफी समय तक बनी रहती है। वहीं, कोकोपीट नॉर्मल मिट्टी की तुलना में काफी हल्का होता है, जिससे दीवारों पर अधिक वजन नहीं पड़ता। हालांकि, इसमें वर्मी कम्पोस्ट या जैविक खाद भी मिलाई जा सकती है।
पौधों का करें चयन
वर्टिकल गार्डन के लिए आप ऐसे पौधों का चयन कर सकते हैं, जिन्हें अधिक मिट्टी और पानी की जरूरत नहीं होती है। इसमें आप मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट, फर्न या फिर कुछ पत्तेदार सब्जियां और खास तरह के हर्ब्स जैसे पुदीना, धनिया या तुलसी भी लगा सकते हैं। ये पौधे घर को यूनिक लुक देने के साथ-साथ हवा को भी शुद्ध करते हैं।
कैसे करें सिंचाई
वर्टिकल गार्डन की सिंचाई के लिए आप ड्रिप इरिगेशन सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल, इसमें कोकोपीट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, समय-समय पर इसमें लगे पौधों की छंटाई करना और लिक्विड खाद देना बहुत जरूरी होता है।
