दक्षिण भारतीय व्यंजन अपने बनाने के खास तरीके और स्वाद के लिए जाने जाते हैं। अधिकतर व्यंजन भाप से पकाए जाते हैं, जिससे इनमें पौष्टिकता बनी रहती है। साथ ही इनमें तेल-मसालों का बहुत ही कम इस्तेमाल किया जाता है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों में दाल, चने, करी पत्ते, लौकी और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों और मसालों को इस्तेमाल किया जाता है, जिसके चलते ये व्यंजन सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। यही वजह है कि आज न सिर्फ देश में, बल्कि दुनिया में कई अन्य देशों में दक्षिण भारतीय व्यंजन लोग बड़े चाव से खाते हैं।

दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध व्यंजनों में से एक इडली भी है। यह ऐसी डिश है जो भारत के हर राज्य में आसानी से मिल जाएगी। लेकिन असली स्वाद इसका दक्षिण भारत के राज्यों में खाने पर आता है। दक्षिण भारतीय कई तरह की इडली बनाते हैं, जिसमें से एक कांचीपुरम इडली भी है। यह तमिलनाडु के कांचीपुरम की पारंपरिक दक्षिण भारतीय डिश है, जो सामान्य इडली से आकार, स्वाद और बनाने के तरीके में थोड़ी अलग होती है। इसे आमतौर पर मसालों और तड़के के साथ तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद अन्य इडली से अलग होता है।

कांचीपुरम इडली की समग्री

1 कप इडली चावल
आधा कप उड़द दाल
आधा छोटा चम्मच मेथी दाना
स्वादानुसार नमक
जरूरत के अनुसार पानी
आधा कप खट्टा दही
1-2 बड़े चम्मच घी
1 छोटा चम्मच काली मिर्च, दरदरी कुटी हुई
1 छोटा चम्मच जीरा
1-2 छोटा चम्मच बारीक कटा अदरक
12-15 करी पत्ते
एक चुटकी हींग
8-10 काजू, टुकड़ों में कटे हुए

इस तरह बनाएं कांचीपुरम इडली

सबसे पहले इडली चावल को अच्छी तरह धोकर करीब 4-5 घंटे या रातभर के लिए पानी में भिगो दें। उड़द दाल और मेथी दाने को भी अलग बर्तन में भिगोएं। इसके बाद पहले उड़द दाल को थोड़े पानी के साथ पीसकर मुलायम और हल्का फूला हुआ बैटर तैयार कर लें। इसके बाद चावल को पीसें। दोनों को मिलाकर बैटर तैयार करें। बैटर बहुत ज्यादा पतला न रखें।

बैटर को ढककर गर्म जगह पर लगभग 8-12 घंटे या अच्छी तरह खमीर उठने तक रखें। फर्मेंट किए हुए बैटर में खट्टा दही और नमक मिलाएं। कांचीपुरम इडली के पारंपरिक स्वाद में दही मिलाना जरूरी है। अब एक पैन में घी गर्म करें। इसमें काजू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। फिर काली मिर्च, जीरा, अदरक, करी पत्ता और हींग डालकर हल्का भूनें। इस तड़के को इडली के बैटर में मिला दें।

कांचीपुरम इडली को सीधे सांचों में नहीं डाला जाता है, बल्कि पारंपरिक रूप से इसे केले के पत्ते या कपड़े पर पकाया जाता है। इसके लिए इडली के सांचे के अंदर केले के पत्ते बिछाएं। पत्ता बर्तन के किनारे तक रहे, ताकि बैटर बाहर न निकले। अब इडली का बैटर केले के पत्ते पर डालें, ऊपर थोड़ी जगह छोड़ दें। इडली को स्टीमर में रखकर मध्यम आंच पर करीब 20-30 मिनट या पूरी तरह पकने तक भाप दें। चाकू या लकड़ी की सींक डालकर चेक करें कि ये पक गई है या नहीं।

परोसने का तरीका

इडली को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मोटे टुकड़ों में काट लें। ऊपर से थोड़ा घी डालकर सांभर और नारियल चटनी के साथ परोस सकते हैं।

यह भी पढ़ें
बैंगन की सब्जी देखते ही बच्चा सिकोड़ने लगता है नाक, तो इस बार ट्राई करें अलग रेसिपी