Namakdani se Seelan Kaise Hataye: किचन में इस्तेमाल होने वाली छोटी-छोटी चीजें रोज के कामों को आसान बनाती हैं, इसमें नमकदानी भी शामिल है। इसका इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है। हालांकि बारिश और उमस वाले मौसम में कई बार ऐसा होता है कि नमकदानी को साफ करने के बाद भी उसमें रखा नमक कुछ दिनों बाद सीलने लगता है। जिसकी वजह से नमक आसानी से बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखते हुए इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नमकदानी का इस्तेमाल
कई बार नमकदानी को धोने के बाद लोग हल्का पोंछ कर उसमें तुरंत नमक भर देते हैं। ऐसे में नमक जल्दी सील सकता है। इसलिए नमकदानी को धोने से बाद अच्छी तरह से सूखने दें। कपड़े से पोंछने के बाद कुछ देर खुली हवा में रखें जिससे सारी नमी हट जाएगी। जब नमकदानी पूरी तरह सूख जाए तभी इसमें नमक भरें।
मोटा अनाज
नमकदानी में बार-बार सीलन की समस्या रहती है, तो ऐसे में राजमा और छोले जैसे बड़े दाने काम आ सकते हैं। इसके लिए नमकदानी में राजमा के कुछ दाने डाल दें। इससे अतिरिक्त नमी सोखने में मदद मिल सकती है।
चावल की पोटली
नमकदानी के नमक को नमी से बचाने के लिए चावल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे एक घरेलू उपाय के तौर पर अपनाया जा सकता है। इसके लिए कॉटन के छोटे से कपड़े में चावल के कुछ दानों को रखें और इसमें गांठ लगा दें। इस पोटली को नमकदानी में डाल दें। इससे नमी कम हो सकती है और नमक को सूखा रखने में मदद मिलेगी।
इन बातों का रखें ध्यान
नमकदानी को गैस चूल्हे या भाप निकलने वाली जगह से दूर रखें, जिससे नमक में नमी जल्दी नहीं आएगी। खाना बनाते समय गीले हाथों से नमकदानी पकड़ने से बचें। इससे बाहर की नमी अंदर पहुंच सकती है। अगर नमकदानी का ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता है, तो उसे बदल सकते हैं। नमकदानी को साफ और सूखी जगह पर रखें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर नमकदानी को किसी प्लास्टिक के डिब्बे में भी रख सकते हैं। इससे नमक तक नमी पहुंचने की संभावना कम हो सकती है।
मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसका असर किचन में रखी कुछ चीजों पर पड़ सकता है। ऐसे में नमकदानी की नियमित सफाई और रखने की सही जगह जैसी आदतों को अपनाकर नमक के सीलने की समस्या को कम किया जा सकता है।
