How to Grow Calendula: आजकल ज्यादातर लोग अपने घरों की छत या बालकनी में तरह-तरह के पौधे लगाना पसंद करते हैं। सजावटी पौधों से लेकर रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे लगाए जाते हैं, जो घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ मन को भी सुकून पहुंचा सकते हैं। हालांकि हर पौधे को लगाने का एक सही समय होता है। कुछ पौधों के बीज गर्मियों में लगाए जाते हैं, तो कुछ सर्दियां शुरू होने से पहले बोए जाते हैं। मानसून जा चुका है और मौसम में बदलाव नजर आने लगा है। अगर आप फूलों वाले पौधे लगाना चाहते हैं जो सर्दियां आने तक खिलने लगें, तो कैलेंडुला बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
कैलेंडुला सर्दियों में खिलने वाला खूबसूरत फूलों वाला पौधा है, जिसमें पीले और नारंगी रंग के फूल खिलते हैं। ये फूल दिखने में गेंदे जैसे होते हैं। इसके बीजों को ठंडे मौसम में लगाया जाता है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच इसके बीज को गमले, गार्डन या छत पर लगाया जा सकता है। यह पौधा घर या बालकनी को सजाने के लिए लगाया जा सकता है। सर्दियों में बालकनी में रंग-बिरंगे फूलों को खिलते हुए देखने चाहते हैं, तो ऐसे कैलेंडुला के बीजों को अभी से लगा सकते हैं।
बीज से कैलेंडुला लगाने का तरीका
सही गमले का चुनाव
सबसे पहले लगभग 8 से 10 इंच का गमला लें जिसमें नीचे ड्रेनेज होल हों। अगर गमले में पानी भरा रहेगा, तो जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। अब मिट्टी का मिश्रण तैयार करने के लिए बगीचे की मिट्टी के साथ वर्मीकम्पोस्ट और कोकोपीट का इस्तेमाल करें। इसके लिए मिट्टी हल्की और उपजाऊ होनी चाहिए, जिससे पौधे को विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।
हेल्दी बीज चुनें
गमला और मिट्टी तैयार करने के बाद बीजों को लगाने की प्रक्रिया पूरी करें। बीजों को नर्सरी से खरीद सकते हैं, इन्हें गमले में बहुत ज्यादा गहराई में न लगाएं। सबसे पहले मिट्टी को गीला कर लें और फिर बीजों को डालें। ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें। मिट्टी में लगातार पानी न दें। जब मिट्टी सूख जाए तब भी गमले में पानी दें। बीज अंकुरित होने लगें तो गमले को अच्छी धूप वाली जगह पर रख सकते हैं।
देखभाल से जुड़ी टिप्स
इस पौधे को सूरज की रोशनी पसंद है। अगर अक्टूबर में दोपहर के समय धूप तेज आ रही है, तो गमले को ऐसी जगह रखें जहां उजाला आता हो। जब पौधा बड़ा होने लगे तो मुलायम तनों की पिंचिंग करें। इससे पौधा घना और कई सारे तने निकलने में मदद मिल सकती है। सर्दियों तक इस पौधे में पीले और नारंगी फूल खिलने लग सकते हैं।
जब पौधा बड़ा हो जाए तो इसे अच्छी धूप वाली जगह पर रख दें। इसके सूखे फूलों को निकाल दें। साथ ही मिट्टी की नमी चेक करते रहें। इसके अलावा पत्तों को समय-समय पर उल्टा करके कीड़ों को जरूर चेक करें। महीने में कम से कम एक बार वर्मीकम्पोस्ट या सरसों की खली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
