Tips To Keep Plants Healthy: आजकल घर की बालकनी, छत या आंगन में गार्डनिंग करने का शौक बढ़ गया है। लोग घर में तरह-तरह के पौधे लगाना पसंद करते हैं, जो खूबसूरती बढ़ाने के अलावा आसपास के माहौल को भी खुशनूमा बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि कई बार हम पौधे लगा तो लेते हैं, लेकिन उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं कर पाते। जिसकी वजह से कुछ समय बाद पौधे सूखने लगते हैं, कीड़े लग जाते हैं या वे मुरझा जाते हैं। अगर आप भी इस तरह की समस्या से परेशान हैं, तो इसके पीछे कुछ गलतियां जिम्मेदार हो सकती हैं।

अपने गार्डन को हरा-भरा और स्वस्थ बनाए रखने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इससे पौधों की देखभाल बेहतर तरीके से होगी और गार्डन हरा-भरा और आकर्षक बना रह सकता है। आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने गार्डन की देखभाल कर सकते हैं।

सूखी और पीली पत्तियों को हटाएं

गमले या गार्डन में लगे पौधों के आसपास की जगह को साफ रखना जरूरी है। अगर गमले या पौधे में सूखी और पीली पत्तियां नजर आ रही हैं, तो इन्हें हटा दें। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और ग्रोथ भी बेहतर तरीके से होती है। ऐसे में एक हफ्ते या 15 दिन में सूखी और पीली पत्तियों को पौधे और उसके आसपास की जगह से हटाते रहें।

जैविक खाद दें

पौधों को अच्छी ग्रोथ के लिए खाद की जरूरत होती है। कम से कम महीने में एक बार इन्हें खाद देना जरूरी है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है और पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आप बाजार से मिलने वाले केमिकल खाद की जगह जैविक खाद का उपयोग करें। करीब 20 से 25 दिन में वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हल्की कटाई-छंटाई करें

पौधे की सूखी और बेकार टहनियों की समय-समय पर कटाई और छंटाई करनी चाहिए। इससे पौधे का विकास बेहतर तरीके से हो सकता है। इससे पौधा घना और स्वस्थ बनता है। ऐसा नहीं करने पर पौधों में कीड़े लग सकते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

कीट और फंगस की जांच करें

कई बार पौधा घना हो जाता है और हमें लगता है कि यह स्वस्थ है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। पत्तियों के ऊपर और नीचे अच्छी तरह से कीट और फंगस की जांच करें। अगर कोई समस्या दिखती है तो तुरंत उसका उपचार करें जिससे पौधे को सूखने से बचाया जा सके।

गमले और मिट्टी की जांच करें

पौधों की बेहतर देखभाल के लिए गमले और मिट्टी की जांच करना भी जरूरी है। कहीं ड्रेनेज हॉल बंद तो नहीं है या मिट्टी ज्यादा सख्त तो नहीं हो गई। अगर इस तरह की समस्या है, तो इसे ठीक करें। मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई करें ताकि पानी और हवा आसानी से जड़ों तक पहुंच सके।