scorecardresearch

वो IAS जिसे 10वीं में मिले थे केवल पासिंग मार्क्स, UPSC पास कर कायम की मिसाल; PM भी कर चुके हैं तारीफ

आईएएस तुषार डी सुमेरा की सक्सेस स्टोरी किसी को भी प्रभावित करने के लिए काफी है।

ias tushar sumera| UPSC| success story
IAS ऑफिसर तुषार सुमेरा (photo source- twitter/ @AwanishSharan)

भारत की नहीं बल्कि दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी की परीक्षा को लेकर लोगों का मानना है कि केवल होनहार और तेज बच्चे ही इस परीक्षा को पास कर आईएएस बन पाते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है क्योंकि सफलता कोई जादू नहीं है और इस तथ्य को तुषार दलपतभाई सुमेरा ने पूरी तरह से सिद्ध किया है।

वैसे सही ही कहा गया है कि हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर करती है, अगर हम जीत का फैसला कर लेते हैं तो हम जीत जाते हैं। ऐसा इसलिए बता रहे हैं क्योंकि आईएएस अफसर तुषार डी. सुमेरा ने बड़ी मुश्किल से 10वीं पास की थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा पास की, बल्कि अच्छी रैंक हासिल करते हुए आईएएस अफसर भी बनें। आइए पढ़ते हैं उनके संघर्ष की कहानी-

10वीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स

गुजरात के भरूच जिले के कलेक्टर तुषार सुमेरा की संघर्ष की कहानी उन बच्चों के लिए सफलता की कहानी है जिन्हें लगता है कि परीक्षा में खराब परिणाम के कारण अब आगे के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। साल 2012 बैच के आईएएस अधिकारी तुषार डी सुमेरा को 10वीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स मिले थे। तुषार को 10वीं कक्षा में गणित में 36, अंग्रेजी में 35 और विज्ञान में 38 अंक मिले हैं। बावजूद तुषार ने हार नहीं मानी और यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद अपने परिवार वालों का नाम रोशन किया।

आईएएस ने शेयर की अपनी मार्कशीट

छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने तुषार की फोटो और मार्कशीट शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा कि भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने अपनी दसवीं की मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा है कि उन्हें दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे। ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि यह कुछ नहीं कर सकते।

सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की

किसी तरह दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद तुषार सुमेरा ने आगे की पढ़ाई जारी रखी। पढ़ाई के साथ-साथ ही उन्होंने बच्चों को पढ़ाना भी शुरू किया। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद बीए और बीएड की डिग्री हासिल की। अपने करियर को गति देने के लिए इसके बाद उन्होंने सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू कर दी।

प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

सहायक शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए तुषार सुमेरा ने यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के बारे में सोचा, इसके बाद ही पूरे तन-मन के साथ वह यूपीएससी क्रैक करने के लिए तैयारी में जुट गए। अध्यापन के साथ कड़ी मेहनत करते हुए वर्ष 2012 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उनको सफलता मिली। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भरूच में उत्कर्ष पहल अभियान के तहत तुषार के काम की तारीफ की है।

पढें जीवन-शैली (Lifestyle News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X