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कब्‍ज की श‍िकायत से पाना है छुटकारा तो इन योगासनों का करें अभ्यास

कब्ज एक ऐसी परेशानी है जिससे बड़ी तादाद में लोग जूझ रहे हैं। इसके कारणों हो सकते हैं लेकिन गलत लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह हो सकती है। गलत लाइफस्टाइल और खानपान के चलते मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ सकता है जिसकी वजह से पेट संबंधी समस्याएं सामने आती हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

योग, शरीर को सुडौल, स्वस्थ, लचीला और निरोगी बनाने में सहायक होता है। नियमित रूप से योग करने से शरीर में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता शक्ति मिलती है। इसके अलावा तनाव से मुक्ति पाने के लिए भी योग अभ्यास फायदेमंद होता है। आज हम आपको कब्ज की शिकायत से परेशान लोगों के लिए योगासनों के बारे में बता रहे हैं। दरअसल, कब्ज एक ऐसी परेशानी है जिससे बड़ी तादाद में लोग जूझ रहे हैं। इसके कारणों हो सकते हैं लेकिन गलत लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह हो सकती है। गलत लाइफस्टाइल और खानपान के चलते मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ सकता है जिसकी वजह से पेट संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। लेकिन नीचे दिए गए आसनों का अभ्यास करने से कब्ज समेत पेट की कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं लाभकारी आसनों की विधि।

पवनमुक्तासन- इसे करना बेहद आसान है। अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं और पैरों और हाथों को सीधा रखें। गहरी लंबी सांस अंदर लें और सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को मोड़ते हुए घुटनों को अपनी छाती के पास लाएं। घुटनों को हाथों के सहारे पेट पर दबाएं। अब लंबी गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने सर और छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। अपने सिर को जितना संभव गो घुटनों से मिलाने की कोशिश करें। कुछ देर इसी पोजिशन में रुकें और फिर आराम से वापिस सीधी पोजिशन में आ जाएं।

हलासन- इसे करने के लिए आप जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर एक दूसरे से मिले होने चाहिए और हथेलियां जमीन पर और कमर के पास हों। इसके बाद धीरे-धीरे दोनों पैरों को उपर की ओर उठाएं। ध्यान रहें ऐसा करते समय पेट को सिकोड़ें और सांस को अंदर लेते रहें। इसके बाद दोनों पैरों को उठाते हुए सिर के पीछे लगाने कि कोशिश करें। ध्यान रखें अगर पैर सिर के पीछे नहीं पहुंच रहे हैं तो ज्यादा जोर न लगाएं ऐसा करने से आपकी गर्दन में परेशानी हो सकती है। पीठ और कमर को पैरों के साथ पीछे की तरफ मोड़ने के लिए हाथों का सहारा लें। आसन को थोड़ी देर होल्ड करने की कोशिश करें और घुटनें मुड़ें नहीं इस बात का ध्यान रखें।

अर्धमत्स्येंद्रासन- पेट के लिए ये आसन काफी फायदेमंद हैं। वहीं यह आसन गर्दन और कमर दर्द से भी राहत देता है। इसे करने के लिए जमीन पर पहले सामने की तरफ घुटने मोड़कर बैठ जाएं। पैरों के तलवे जमीन से लगे होने चाहिए। अब बाएं पैर को मोड़कर उसे अपने कुल्हे के पास मिला लें और दाएं पैर को बाएं पैर से घुटने के पास मिला लें। अब कमर को सीधा रखें और दोनों हाथों को कंधो के बराबर उठाकर सीधा रखें। इसके बाद हाथों को सीधा रखते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को बाईं ओर ले जाएं और दाएं हाथ को जमीन पर हथेली के सहारे सीधा रखें। कोहनी को सीधा रखें। वहीं बायां हाथ से दाएं पैर पर रखें। कुछ देर इसी पोजिशन में रुकें और प्रक्रिया को उल्टा दोहराते हुए वापिस सीधी पोजिशन में आ जाएं। यही प्रक्रिया दूसरी दिशा के लिए भी दोहराएं।

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