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Swami Vivekananda Jayanti 2019 Wishes Quotes: स्वामी विवेकानंद के 10 प्रेरणादायक विचार, जीवन में ला सकते हैं बड़ा बदलाव

Happy Swami Vivekananda Jayanti 2019 Wishes Quotes, Happy National Youth Day 2019 Quotes: "जब तक लाखों लोग भूखे और अज्ञान होंगे, मैं हर उस व्यक्ति को देशद्रोही ठहराऊंगा, जो अपने खर्चों पर शिक्षित हो गए हैं और उन पर ध्यान नहीं दिया।"

Swami Vivekananda Quotes: स्वामी विवेकानंद के विचार।

Happy Swami Vivekananda Jayanti 2019 Wishes Quotes, Happy National Youth Day 2019 Quotes: स्वामी विवेकानंद एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने जन-जन को राष्ट्रवाद, अध्यात्म, संस्कृति, और हिंदुत्व की अवधारणा से अवगत कराया। समाज में व्याप्त बुराइयों को देखकर जो कुछ इनके अंतर्मन में प्रस्फुटित होता, वही इनके विचारों में दिखाई देता था। स्वामी विवेकानंद ने पश्चिम देशों को वेदांत और योग को अवगत कराया। उन्होंने शिकागो के वैश्विक धर्म संसद सम्मलेन में भाग लिया और दुनियाभर से आये लोगों के सामने धर्म, वेदांत, अध्यात्म, हिंदुत्व और सहिष्णुता की अवधारणा रखी। भारतीय वेदों का सार पश्चिमी देशों तक पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन विवेकानंद भारतीय समाज में व्याप्त बुराइयों और धर्मान्धताओं की कारण बहुत व्यथित थे। साल 1893 में शिकागो में दिया गया उनका भाषण भारतीय समाज में व्याप्त बुराइयों और धर्मान्धताओं का विखंडन था। स्वामी विवेकानंद ने अध्यात्मवाद को सबल आधार देना चाहा था जिसके प्रयासरत उन्होंने  आधुनिक भारत का सपना देखा था। उनके स्वप्न की अभिव्यक्ति करते कुछ विचार नीचे दिए गए हैं-

1. “जिस प्रकार विभिन्न धाराओं के स्त्रोत अलग-अलग होते हैं, लेकिन अंत में उनका जल जाकर समुद्र में मिल जाता है, उसी प्रकार सभी मनुष्यों द्वारा चुना गया उनका रास्ता, चाहे वह सही हो या गलत हो अंत में सब ईश्वर तक ही जाते हैं।”

2. “अंधविश्वास मनुष्य का बड़ी शत्रु है, लेकिन धर्मान्धता उससे भी बुरा है।”

3. “शिक्षा मनुष्य में पहले से पूर्णता का प्रकटीकरण है।”

4. “हम ऐसी शिक्षा चाहते हैं जो चरित्र का निर्माण करे, जिससे मनोबल बढ़े, बुद्धि का विस्तार हो और व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

5. “जब तक लाखों लोग भूखे और अज्ञान होंगे, मैं हर उस व्यक्ति को देशद्रोही ठहराऊंगा हूँ, जो अपने खर्चों पर शिक्षित हो गए हैं और उन पर ध्यान नहीं दिया।”

6. “सफलता के लिए पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता तीनों अनिवार्य है और इनसे भी ऊपर है प्रेम।”

7. “जो दूसरे के लिए जीते हैं वह अकेले ही जीते है, वरना अन्य तो जीवित होकर भी मृत हैं।”

8. “देवत्व की अभिव्यक्ति मनुष्य में पहले से ही है।”

9. “यह सभी उपासनाओं का सार हैं- पवित्र होना और दूसरों का भला करना।”

10. “यदि आपको अपने 330 करोड़ पौराणिक देवताओं पर विश्वास है, लेकिन खुद पर विश्वास नहीं है, तो आपको मोक्ष नहीं मिल सकता, आप खुद पर विश्वास रखो और मजबूत बनो।”

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