ताज़ा खबर
 

Swami Vivekananda Jayanti 2019: जानिए इस दिन क्यों मनाया जाता है ‘नेशनल यूथ डे’?

Swami Vivekananda Jayanti 2019, National Youth Day 2019: स्वामी विवेकानंद को पढ़ाई-लिखाई से काफी लगाव थे। उन्होंने धर्म, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, कला और साहित्य का गहन अध्ययन किया था।

Author January 12, 2019 7:32 AM
Swami Vivekananda Jayanti 2019: स्वामी विवेकानंद।

Swami Vivekananda Jayanti 2019, National Youth Day 2019: हर साल देश में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई जाती है। साल 1984 से स्वामी विवेकानंद की जयंती को नेशलन यूथ डे (राष्ट्रीय युवा दिवस) के तौर पर भी मनाया जाने लगा। उस वक्त तत्कालीन सरकार ने कहा था कि स्वामी जी के बताए गए आदर्श और उनके द्वारा किये गये अनमोल कार्य देश के युवाओं के लिए काफी प्रेरणादायक साबित हो सकते हैं और तब ही से स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाया जाने लगा। आज विवेकानंद की 156वीं जयंती है और राष्ट्रीय युवा दिवस भी।

नेशनल यूथ डे पूरे भारत में स्कूलों और कॉलेजों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। बता दें कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। कम उम्र में ही नरेंद्रनाथ दत्त को आध्यात्म में काफी रुचि थी लिहाजा उन्होंने आध्यात्म और योग से काफी कम उम्र से ही जुड़ गए। स्वामी विवेकानंद को पढ़ाई-लिखाई से काफी लगाव थे। उन्होंने धर्म, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, कला और साहित्य का गहन अध्ययन किया था। पढ़ाई-लिखाई में मेधावी होने के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद इंडियन क्लासिकल म्यूजिक में भी पारांगत थे और अच्छे स्पोर्ट्सपर्सन भी थे।

स्वामी विवेकानंद ने वेस्टर्न वर्ल्ड को भारत की योग और वेदांत से परिचित कराया। 11 सितंबर सन् 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में उन्होंने हिंदू धर्म पर प्रभावी भाषण देकर दुनिया में भारतीय आध्यात्म का परचम लहराया। इसके बाद स्वामी विवेकानंद को ‘Messenger of Indian wisdom to the western world’ कहा जाने लगा।

स्वामी जी को युवाओं से काफी उम्मीद थी। उन्होंने कहा था कि ‘जब तक देश की रीढ़ युवा अशिक्षित रहेंगे, तब तक देश को उन्नति की ओर ले जाना असंभव होगा।’ इसलिए उन्होंने अपनी ओजपूर्ण वाणी से सोए हुए युवकों को जगाने का काम शुरू कर दिया। स्वामी जी ने साल 1897 में मद्रास में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘मेरी आशाएं युवाओं पर टिकी हुई है।’ निश्चित तौर पर वो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X