जिमीकंद की सब्जी तो घरों में अक्सर बनाई जाती है, लेकिन इसके कोफ्ते का स्वाद अलग ही होता है। इसे बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका जायका मन को संतुष्ट कर देता है।
जिमीकंद में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिस कारण यह पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होता है। मधुमेह रोगियों के लिए भी इसे उपयुक्त माना जाता है। कच्चे जिमीकंद को करीब एक सप्ताह तक घर में रखा जा सकता है, यह दूसरी सब्जियों की तरह जल्दी खराब नहीं होता है।
जिमीकंद का कोफ्ता बनाने की सामग्री
जिमीकंद: 300-400 ग्राम
बेसन: आधा कप
हरी मिर्च दो-तीन
अदरक: दो इंच
टमाटर: तीन
पुदीने की पत्तियां: दो-तीन चम्मच
गरम मसाला पाउडर: एक चम्मच
जीरा पाउडर: आधा चम्मच
नमक
जिमीकंद का कोफ्ता कैसे बनाएं?
जिमीकंद को धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर कुकर में उबालें। इसके बाद इसे कुछ देर ठंडा होने दें और फिर हाथ की मदद से अच्छी तरह मसल दें। अब इसमें थोड़ा सा बेसन, हरी मिर्च, अदरक और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
इसके बाद टमाटर, अदरक, हरी मिर्च और पुदीने के पत्तों को मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें। फिर एक कड़ाही में तेल गरम करके उसमें जीरा हल्का सा भूनें और उसमें टमाटर के मिश्रण का पेस्ट तथा जरूरत के अनुसार पानी डालकर कुछ देर चम्मच से चलाते रहें। इसमें गरम मसाला पाउडर, नमक और एक चुटकी चीनी मिला दें। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तरी गाढ़ी हो जाए।
इसके बाद कोफ्ते बनाने के लिए मसले हुए जिमीकंद के छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें तेल में अच्छी तरह तल लें। ध्यान रहे कि इन गोलों को सुनहरा रंग आने तक तलें, ज्यादा देर तक तलने से उनका स्वाद बिगड़ जाता है। अब इन कोफ्तों को टमाटर की तरी में डालकर पांच-छह मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ हरा धनिया मिलाकर थोड़ी देर ठंडा होने दें और फिर चपाती या चावल के साथ परोसें।
