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बिहार में जन्‍मे, गोरखपुर से शुरू किया कारोबार, लखनऊ को बनाया मुख्‍यालय, दिलचस्प है सुब्रत रॉय की कहानी

Subrata Roy Sahara Life Story: सुब्रत रॉय (Subrata Roy) एक बार फिर विवादों मेें हैं। उनके सहारा समूह पर गलत तरीके से सहकारी समितियां बना कर चार करोड़ लोगों से करीब 76 करोड़ रुपए जमा कराने के आरोप हैं।

सुब्रत रॉय (फाइल फोटो)

सुब्रत रॉय (Subrata Roy) का सहारा ग्रुप एक बार फिर चर्चा में है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2012 से 2014 के बीच सहारा ग्रुप की तीन सहकारी समितियां शुरू हुईं और इनमें चार करोड़ लोगों से 86,673 करोड़ रुपए जमा कराए गए। सरकार का कहना है कि यह गलत तरीके सेे किया गया और इसकी जांच होनी चाहिए। ऐसे में चार करोड़ लोगों की जमा-पूंजी भी खतरे में आ गई है। सहारा समूह ने ये समितियां तब बनाई थीं, जब उच्चतम न्यायालय ने सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों को दोषी ठहराया था और सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को गिरफ्तार किया गया था।

सुब्रत रॉय सहारा की कहानी दिलचस्प है। शून्‍य से शिखर का सफर तय करने की कहानी और फिर ढलान पर उतरने की भी। एक समय था, जब सुब्रत राय लगातार सुर्खियों में रहते थे। बिजनेस, राजनीति, मनोरंजन, खेल जगत से जुड़ी देश-विदेश की तमाम हस्तियों के साथ उनका उठना-बैठना था। ब्रांडिंग के लिए महंगे से महंगे सितारों को सहारा समूह के साथ जोड़ रखा था।

नेता से लेकर अभिनेता तक काटते थे चक्कर:  कुछ साल पहले तक वे भारत के चुनिंदा उद्योगपतियों में गिने जाते थे। “सहारा श्री” के नाम से मशहूर, सुब्रत रॉय सहारा की पैठ हर क्षेत्र में थी, फिर उनके सामने क्या नेता और क्या अभिनेता, तमाम लोग उनके चक्कर काटते थे। हालांकि धीरे-धीरे सहारा की हालत खस्ता होती चली गई। सुब्रत राय पर कई व्यापारिक देनदारी के चलते उनकी कंपनी पर कई प्रतिबंध लग चुके हैं। वे जेल भी जा चुके हैं। कारोबार भी लगातार सिमटता गया है।

स्कूटर से शुरू किया था सफर:  सुब्रत रॉय (Subrata Roy) का जन्म भले ही बिहार में हुआ हो लेकिन उन्होंने अपने कारोबार की शुरुआत यूपी के गोरखपुर से की थी। शुरुआत में वह स्कूटर पर चला करते थे। इसी स्कूटर से सामान बेचा करते थे। वह सहारा फ़ाइनेंस में आए और नॉन बैंकिंग कारोबार के जरिये धीरे-धीरे देश भर में चा गए। मीडिया, एयरलाइन्स और भी कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया।

एयरलाइन से सिनेमा तक में आजमाया हाथ: साल 1978 में एक स्कूटर से शुरू हुई चिटफंड कंपनी से सहारा धीरे-धीरे देश के तमाम उद्योगों में घुसती चली गई। रियल स्टेट, टेलीकॉम, टूरिज्म, एयरलाइन, सिनेमा, खेल, बैंकिंग और मीडिया जैसे क्षेत्रों में सुब्रत रॉय सहारा ने हाथ आजमाया। उनकी कंपनी ने न्यूयार्क, लंदन में भी अपने पैर पसारे। एक दौर ऐसा था जब प्रतिष्ठित टाइम्स मैग्जीन ने सहारा ग्रुप को भारत में रेलवे के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली कंपनी का तमगा दिया था। सुब्रत रॉय सहारा अपनी कंपनी को एक परिवार कहते हैं और खुद को इसका अभिभावक कहलाना पसंद करते हैं।

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राजा-महाराजा से कम नहीं शानो-शौकत:  सुब्रत रॉय की पहचान पैसे से पैसा कमाने, पैसा कमाने के लिए पैसा लुटाने और हर मुमकिन मौके पर पैसा दिखाने वाले शख़्स के रूप में होती है। एक वक्त ऐसा था जब उनकी लैविश पार्टिय़ों में अमिताभ से लेकर, शाहरुख और बड़े-बड़े नेता तक शामिल होते थे। उनके दोनों बेटों की शादी में ऐसी कोई नामी हस्ती नहीं थी, जो शामिल न हुई हो। लखनऊ में हुई इस शादी मेंं प्रधानमंत्री तक शामिल हुए।  खेल जगत से लेकर बिजनेस और ग्लैमर के सितारे भी मौजूद थे।

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जब चला कानून का डंडा: सुब्रत रॉय (Subrata Roy) पर अपने निवेशकों का पैसा न लौटाने का भी आरोप लगा। इसी मामले में सेबी ने सुब्रत रॉय के खिलाफ कार्रवाई की। 20 हजार करोड़ रुपये की वापसी का मामला सुब्रत रॉय के गले की फांस बनकर रह गया। इसके बाद सहारा परिवार के उल्टे दिन शुरू हो गये। उन्हें जेल तक जाना पड़ा और कारोबार भी सिमटता गया। अब एक बार फिर नए आरोपों में सहारा समूह घिर गया है।

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