Netaji Subhash Chandra Bose Quotes, Wishes Images, SMS in Hindi: Netaji Subhas Chandra Bose Jayanti 2018, Inspirational Quotes to Inspire You, Read Here - Subhas Chandra Bose Quotes: 'दुश्मन का दुश्मन होता है अपना दोस्त' नेताजी बोस के इन विचारों से आज भी मन में जाग जाती है क्रांति - Jansatta
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Subhas Chandra Bose Quotes: ‘दुश्मन का दुश्मन होता है अपना दोस्त’ नेताजी बोस के इन विचारों से आज भी मन में जाग जाती है क्रांति

Subhas Chandra Bose Quotes: नेताजी को अपने देश से बहुत प्रेम था और अपनी जिंदगी देश को समर्पित कर दी थी,नेताजी क्रांतिकारी दल के प्रिय थे। महात्मा गांधी और नेताजी बोस के विचार भिन्न होते हुए भी दोनों का मकसद देश की आजादी ही था।

Netaji Subhas Chandra Bose Quotes: महात्मा गांधी के अहिंसावादी विचारों से नेताजी बिल्कुल भी समहत नहीं थे।

Netaji Subhas Chandra Bose Quotes: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा के कटक में हुआ। नेताजी का जन्म बंगाली परिवार में हुआ था। नेताजी के पिता जानकीनाथ कटक के मशहूर वकील थे और उनकी माता का नाम प्रभावती था। सुभाष चंद्र और उनके भाई-बहन मिलाकर उनके माता-पिता को कुल 14 संताने थीं। सुभाष चंद्र अपने माता-पिता की नौवीं संतान थे। नेताजी को अपने देश से बहुत प्रेम था और अपनी जिंदगी देश को समर्पित कर दी थी। महात्मा गांधी के अहिंसावादी विचारों से नेताजी बिल्कुल भी समहत नहीं थे। नेताजी क्रांतिकारी दल के प्रिय थे, महात्मा गांधी और नेताजी बोस के विचार भिन्न होते हुए भी दोनों का मकसद देश की आजादी ही था। महात्मा गांधी को सबसे पहले नेताजी बोस ने ही राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था।

1938 में बोस को राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया था। उनकी नीतियां गांधी जी के विचारों से बिल्कुल अलग थी, लेकिन 1939 में फिर हुए चुनाव में गांधी विचारों वाले प्रतिद्वंदी को हराकर वो विजयी हुए। गांधी जी का लगातार विरोध देखते हुए उन्होनें कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। नेताजी बोस का मानना था कि अंग्रेजों के दुश्मनों का हाथ थामकर आजादी हासिल की जा सकती है और उन्होनें पाया कि जर्मनी में हिटलर का निशाना इंग्लैंड है और हिटलर में उन्हें अपना दोस्त नजर आया। उनका मानना था कि स्वतंत्रता हासिल करने के लिए राजनीतिक गतिविधियों के साथ कूटनीतिक और सैन्य बल की आवश्यकता भी होती है। नेताजी के विचार बहुत क्रांतिकारी थे, आज उनकी जयंती पर हम उनके कुछ विचारों को आपके सामने रखने जा रहे हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती: क्रांतिकारी नेताजी ने देश की आजादी के लिए छोड़ दी थी सिविल सर्विस

– तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
– याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।
– ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं। हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आजादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।
– एक सैनिक के रुप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगाः सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान। जो सिपाही हमेशा देश के प्रति वफादार रहता है वो हमेशा अपना जीवन बिलदान करने को तैयार रहता है, वो अजेय है। अगर तुम अजय बनना चाहते हो तो इन तीन आदर्शों को अपने ह्रदय में समाहित कर लो।
– सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है।
– मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती है।
– जिस व्यक्ति के अंदर सनक नहीं होती है वो कभी महान नहीं बन सकता। लेकिन उसके अंदर इसके अलावा ओर खूबी भी होनी चाहिए।
– जो अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं, वो आगे बढ़ते हैं और उधार की ताकत वाले घायल हो जाते हैं।
– हमारा सफर कितना भी भयानक, कष्टदायी और बदत्तर हो, लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए। सफलता का दिन दूर हो सकता है, लेकिन उसका आना अनिवार्य है।
– मां का प्यार सबसे गहरा होता है-स्वार्थरहित। इसको किसी भी तरह से मापा नहीं जा सकता है।

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