आजकल बहुत सारे लोग फिटनेस के लिए जिम जाते हैं, लेकिन कई बार समय की कमी या कोई दूसरी दिक्कत होने की वजह से लोग जिम का रूख नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप सुबह की शुरुआत योग के साथ कर सकते हैं। सुबह उठकर कुछ मिनट योगासन करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। रातभर की जकड़न कम करने में मदद मिलती है।

इतना ही नहीं ऐसा करने से मांसपेशियां धीरे-धीरे एक्टिव होने लगती हैं। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन, लचीलापन और पोश्चर बेहतर हो सकता है। साथ ही, हल्की शारीरिक गतिविधि दिनभर खुद को ऊर्जावान महसूस कराने में भी मदद कर सकती है। अगर आप भी सुबह जिम नहीं जाना चाहते, तो ताड़ासन और वृक्षासन जैसे दो आसान योगासन अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इन्हें शुरुआती लोग भी आसानी से कर सकते हैं।

ताड़ासन | Mountain Pose

सुबह उठकर आप जिम जाने की बजाय घर पर ताड़ासन कर सकते हैं। देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन इसे करने से शरीर का पोश्चर सुधारने में मदद मिल सकती है। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने, पैरों, जांघों और टखनों की मांसपेशियां मजबूत बनने में हेल्प मिल सकती है। जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं उनके शरीर की अकड़न कम हो सकती है।

ताड़ासन करने का तरीका

इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच हल्का अंतर रखें। फिर दोनों हाथ शरीर के पास रखें। इसके बाद अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। फिर हथेलियों को आमने-सामने रखें या आपस में जोड़ लें। इसके बाद धीरे-धीरे एड़ियों को ऊपर उठाकर पंजों के बल खड़े होने की कोशिश करें। अब आपको पूरे शरीर को ऊपर की ओर खिंचाव देना है। फिर सामान्य सांस लेते हुए 15–30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहना है। इसके सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आना है। इस प्रक्रिया को आप 3–5 बार दोहरा सकते हैं।

वृक्षासन | Tree Pose

वृक्षासन शरीर के संतुलन और एकाग्रता पर काम करने वाला आसान योगासन है। शुरुआत में इसे दीवार के सहारे भी किया जा सकता है। अब जानते हैं वृक्षासन करने के फायदे। इसे करने से शरीर का बैलेंस बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। पैरों की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं।
इतना ही नहीं कोर (Core) मसल्स को सक्रिय करने में मदद मिलती है। यह लंबे समय तक खड़े रहने की क्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

वृक्षासन करने का तरीका

इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों पैरों पर समान वजन रखें। फिर अब दाएं पैर को उठाकर बाएं पैर की जांघ के अंदर रखें। अगर शुरुआत कर रहे हैं तो पैर पिंडली (Calf) पर भी रख सकते हैं। ध्यान रखें कि पैर सीधे घुटने पर न रखें। दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में जोड़ लें। सामने किसी एक बिंदु पर नजर टिकाएं। सामान्य सांस लेते हुए 20–30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें। धीरे-धीरे पैर नीचे रखें। अब यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं।

योगासन करते समय बरतें ये सावधानियां

योग हमेशा खाली पेट या हल्का नाश्ता करने के 2–3 घंटे बाद करें।
शुरुआत में जल्दबाजी न करें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
अगर चक्कर आए या असहज महसूस हो, तो तुरंत अभ्यास रोक दें।
घुटने, टखने या रीढ़ की गंभीर चोट होने पर पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लें।
वृक्षासन करते समय संतुलन बनाने में दिक्कत हो तो दीवार का सहारा लें।
सांस रोककर योग न करें, पूरी प्रक्रिया के दौरान सामान्य गति से सांस लेते रहें।
दर्द और खिंचाव में अंतर समझें। हल्का खिंचाव सामान्य है, लेकिन तेज दर्द होने पर अभ्यास न करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। आपको घुटनों, कमर, रीढ़, हृदय या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, या आप गर्भवती हैं, तो योगाभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रमाणित योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लें।