हरे धनिए का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में किया जाता है। दाल, पुलाव, सब्जी और चटनी कई तरह की डिशेज में हरे धनिया का इस्तेमाल किया जाता है। यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि उसमें एक अलग खुशबू भी लेकर आता है। जब भी हम बाजार से हरे धनिया खरीदकर लाते हैं, तो ये तीन से चार दिन में मुरझा सकते हैं। अगर इन्हें सही तरह से स्टोर न किया जाए, तो ये जल्दी खराब भी हो सकते हैं। ऐसे में घर पर हरा धनिया उगाना बेहतर विकल्प हो सकता है, जिसे आप कभी-भी ताजा इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर आप सोच रहे हैं कि हरा धनिया सिर्फ बीजों से उगाए जा सकते हैं, तो ऐसा नहीं है। बल्कि इसे आप डंठल से भी लगा सकते हैं। बाजार से कई बार ऐसे धनिया आ जाते हैं, जिनकी डंठल बहुत मोटी होती है। इन्हें फेंकने की बजाय इनका इस्तेमाल आप हरा धनिया उगाने में कर सकते हैं। इसे लगाने के बाद आपको थोड़ी सी देखभाल करनी होगी।

डंठल लगाने का तरीका

बाजार से लाए ताजे धनिए के डंठल को फेंकने की बजाय आप उनसे दोबारा हरी पत्तियां उगाने की कोशिश कर सकते हैं। इसे आप सबसे पहले पानी में लगाकर जड़ों को विकसित करें। इसके लिए सबसे पहले धनिया के डंठल का निचला हिस्सा कांच की बोतल या कांच के गिलास में पानी भरकर डाल दें। ध्यान रखें कि डंठल के ऊपर की पत्तियों को पानी से बाहर रखें। पानी को नियमित रूप से बदलते रहें ताकि डंठल का निचला हिस्सा गले नहीं। लगभग 4 से 5 दिन में पानी बदलते रहें।

मिट्टी में लगाने का तरीका

जब डंठल में जड़ें विकसित होने लगें, तो इसे मिट्टी में लगाने का समय आ गया है। जब अच्छी तरह से डंठल में जड़ें आने लगें, तो इसे गमले की मिट्टी में लगाएं। पानी में लगाए बिना भी आप डंठल को मिट्टी में लगा सकते हैं। सबसे पहले डंठल के 2 से 3 इंच के टुकड़े करें। इसे मिट्टी में एक या दो इंच की गहराई पर लगा दें। इसमें कुछ ही दिनों में नए अंकुर निकल आएंगे। मिट्टी हल्की और अच्छी जल निकासी वाली चुनें ताकि पानी भरने पर यह आसानी से निकल जाए। जब मिट्टी सूख जाए तब भी उसमें पानी दें। डंठल में जब पत्तियां आने लगें तो समय-समय पर इसकी कटाई करते रहें। इससे पौधा घना और ज्यादा पत्तियां दे सकता है। पौधे को दिन में कम से कम 4 से 5 घंटे की धूप जरूर दें।

बाजार से लाए गए हरे धनिए की डंठल अगर सही नहीं है, तो पौधा लगना मुश्किल हो सकता है। हरे धनिए का डंठल ताजा और हरा होना चाहिए। साथ ही निचले हिस्से से जड़ का हिस्सा थोड़ा सा जुड़ा हुआ होना चाहिए।

डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।