शिमला मिर्च का इस्तेमाल सब्जी, सलाद, नूडल्स से लेकर पिज्जा तक जैसे कई व्यंजनों में किया जाता है। इसकी मांग लगभग हर मौसम में रहती है। हरी शिमला मिर्च के साथ ही पीली और लाल रंग की भी शिमला मिर्च की खेती होती है। हरी शिमला मिर्च के मुकाबले लाल और पीली शिमला मिर्च की कीमत अधिक होती है। इन दोनों में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ढेरों लाभ पहुंचाते हैं।

बाजार में मिलने वाला शिमला मिर्च में कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही कई बार इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए केमिकल भी मिलाए जाते हैं।, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। ऐसे में आप शिमला मिर्च को ऑर्गेनिक तरीके से अपने घर की बालकनी में भी उगा सकते हैं। सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी खेती का सही तरीका क्या है:
1- शिमला मिर्च उगाने के लिए 10 से 12 इंच गहरा और चौड़ा गमला सही रहता है। इसमें पानी निकासी के लिए नीचे छेद होना चाहिए।

2- शिमला मिर्च के पौधे के लिए उपजाऊ मिट्टी जरूरी होती है। पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए 40% बगीचे की मिट्टी के साथ 30%-30% गोबर की खाद और कोकोपीट मिला दें।
3- गमले में मिट्टी डालकर उसमें 3-4 इंच गहराई में लाल और पीली शिमला मिर्च के बीज डाल दें। करीब 10–15 दिनों बाद इसमें से पौधा निकलना शुरू हो जाता है।
4- बीज डालने के बाद ऊपर से हल्का पानी छिड़क दें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। इसके बाद गमले को धूप वाली जगह रख दें। शिमला मिर्च के पौधे को रोजाना कम से कम 5–6 घंटे धूप की जरूरत होती है।
5- जब गमले में पौधा आ जाए तो इसमें समय-समय पर पानी डालते रहें। अधिक पानी डालने से बचना चाहिए क्योंकि, इससे पौधे की जड़ सड़ सकती है।

6- वहीं, पौधे के बेहतर विकास के लिए सप्ताह में एक बार जैविक खाद भी मिट्टी में मिला दें। इसके अलावा सप्ताह में एक बार चाय पत्ती भी डाल सकते हैं। यह भी खाद की तरह काम करता है।
7- पौधा लगाने के बाद 60 से 70 दिनों बाद शिमला मिर्च तैयार हो जाती है। इसके बाद आप इसे तोड़ सकते हैं। वहीं, शिमला मिर्च के पौधे में कई बार फल निकलते हैं।
8- पौधे को कीड़ों से बचाने के लिए 15-20 दिन पर नीम के तेल का छिड़काव कर दें। या फिर नीम की पत्तियों को पीसकर उसका घोल पौधों पर छिड़कने से भी कीड़े नहीं लगते।
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