पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मिड डे मील से अंडे हटाए जाने के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। जहां कुछ लोग सोया चंक्स को बेहतर प्रोटीन स्रोत बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ 100 ग्राम के आधार पर तुलना करना सही नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए क्या चुनना ज्यादा व्यावहारिक है। आइए, जानते हैं इस पूरे मुद्दे पर विशेषज्ञ क्या कहते हैं और बैलेंस्ड डाइट में प्रोटीन किस तरह शामिल किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में स्कूल के मिड डे मील में इस्कॉन द्वारा तैयार किए गए खाने के मेन्यू में बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर शाकाहारी और नॉन-वेज प्रोटीन स्रोत को लेकर बहस छिड़ गई है। ISKCON के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमन दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मिड डे मील से अंडे हटाने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर हम विज्ञान की बात करें, तो भारत में प्रोटीन मैप खुद बयां करता है। कई शाकाहारी आबादी वाले राज्यों में नॉन-वेज वाले राज्यों की तुलना में प्रोटीन का सेवन अधिक होता है।
जानिए किसमें कितना प्रोटीन
अंडा: 13 ग्राम
मछली: 22 ग्राम
सोया चंक्स: 52-54 ग्राम
पनीर: 22 ग्राम
राजमा: 24 ग्राम
मूंग, मसूर उड़द: 25 ग्राम
काला चना: 22 ग्राम।
इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जहां एक यूजर ने लिखा कि मैंने रोजाना 50 ग्राम सोया चंक्स खाना शुरू किया। कुछ दिनों बाद मुझे कब्ज की समस्या हो गई। अब मैं कभी-कभी ही खा पाती हूं। 100 ग्राम खाना तो मुमकिन नहीं है। वहीं अन्य यूजर ने कहा कि लेकिन वो सोया की तुलना अंडों से क्यों कर रहे हैं। अंडा सिर्फ प्रोटीन नहीं है, इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।
अंडा बनाम सोया चंक्स: किसमें है ज्यादा प्रोटीन
प्रोटीन की जरूरतों को ढंग से समझने के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने विशेषज्ञों से संपर्क किया। पुणे, पिंपरी के डीपूयू सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल की चीफ डाइटिशियन Samiksha Chordiya ने बताया कि अक्सर लोग यह धारणा बना लेते हैं कि प्रोटीन अंडे और मछली जैसी चीजों में ज्यादा होता है। डाइटिशियन के अनुसार कई शाकाहारी चीजें खासकर सोया उत्पाद, फलियां, दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स, मेवे और बीज प्रोटीन के अच्छे सोर्स होते हैं। अगर इन्हें पर्याप्त मात्रा में खाया जाए, तो ये शरीर की रोजाना की प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि केआईएमएस अस्पताल, ठाणे के मधुमेह विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय नेगलुर ने कहा कि प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स कोई एक चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि शाकाहारी और नॉन-वेज दोनों तरह के भोजन पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं। उनके अनुसार अक्सर 100 ग्राम के आधार पर अलग-अलग खाद्य पदार्थों की तुलना की जाती है, लेकिन आमतौर पर लोग एक बार में इतनी मात्रा में हर चीज नहीं खा पाते हैं। इसलिए प्रोटीन की तुलना करते समय रोजमर्रा में खाई जाने वाली सामान्य चीजें को रखना व्यवहारिक होता है।
उदाहरण के लिए एक अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं मछली में लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन होता है। उबली हुई दाल में 7-9 ग्राम और सोया प्रोडक्ट्स जैसे टोफू और सोया चंक्स शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन के अच्छे सोर्स माने जाते हैं। किसी भी खाद्य पदार्थ में प्रोटीन की मात्रा इस बात पर निर्भर कर सकती है कि उसे कच्चा, पका या प्रोसेस्ड तरीके से खाया जा रहा है।
प्रोटीन क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार प्रोटीन शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। इससे इम्यून सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। ऐसे में रोजाना भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी हो जाता है।
एक दिन में कितना प्रोटीन है जरूरी
आईसीएमआर और राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के अनुसार स्वस्थ वयस्क के लिए प्रोटीन की जरूरत लगभग 0.8-1 ग्राम हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति का वजन 60 किलो है, तो उसके प्रतिदिन लगभग 48-60 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है। वहीं बुजुर्ग और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय व्यक्ति में प्रोटीन की जरूरत बढ़ सकती है।
डॉ. विजय नेगलुर के अनुसार ज्यादा प्रोटीन हमेशा अच्छा नहीं होता। शरीर की जरूरतों के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाले सोर्सों से प्रोटीन ले सकते हैं। उनके मुताबिक पूरे दिन किसी एक चीज पर निर्भर रहने की बजाय अलग-अलग प्रोटीन युक्त चीजों को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और/या हमारे द्वारा चर्चा किए गए विशेषज्ञों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।
