ई बार बच्चे एक ही तरह के स्वाद से ऊब जाते हैं। उन्हें कुछ ऐसा खाने का मन करता है जो चटपटा और स्वादिष्ट हो। ऐसे में पेरेंट्स को कई बार समझ नहीं आता कि वह ऐसा क्या बनाएं जो टेस्ट होने के साथ ही हेल्दी भी हो। अगर आप भी इस दुविधा में अक्सर फंसे रहते हैं तो यह लेख आपके काम आ सकता है। दरअसल, आज हम आपको बताने जा रहे हैं मेघालय की एक ऐसी डिश के बारे में जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी होती है और यह आपके बच्चों के भी पसंद आ सकती है।

पुमालोई मेघालय की पारपंरिक खासी डिश है, जिसे चावल से बनाया जाता है और भाप पर पकाया जाता है। यह एक नरम और हल्की डिश है, जिसे आमतौर पर नाश्ते या हल्के भोजन के तौर पर खाया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा तेल या मसालों की जरूरत नहीं पड़ती। यह दिखने में इडली जैसी लगती हैं, लेकिन उससे काफी अलग है। आइए जानते हैं घर पर इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है और कैसे बनाएं।

पुमालोई बनाने की सामग्री

2 कप बारीक चावल का आटा
3/4 कप पानी
आधा छोटा चम्मच नमक
भाप में पकाने के लिए पानी

कैसे बनाएं पुमालोई

पारंपरिक तरीके से चावल को पीसकर पाउडर बनाया जाता है और फिर उसे छाना जाता है। अगर आप बाजार के चावल के आटे का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे अच्छी तरह छान लें।

अब चावल के आटे में नमक डालें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कें और हाथ से आटे को रगड़ते हुए मिलाएं। मिश्रण इतना नम होना चाहिए कि मुट्ठी में दबाने पर हल्का सा आकार बना जाए, लेकिन यह गाढ़े आटे या घोल जैसा नहीं होना चाहिए। मिश्रण में अगर बड़ी गांठें बन गई हों, तो उसे हल्के हाथ से छान लें। इससे पुमालोई की बनावट ज्यादा नरम और एकसार रहती है।

अब छोटी स्टील की कटोरी या छोटे सांचे में इस नम चावल के मिश्रण को बिना ज्यादा दबाए हल्के हाथ से भर दें। पारंपरिक पुमालोई छोटे आकार की होती है। स्टीमर में पानी गर्म करें और पुमालोई से भरे सांचों को उसके ऊपर रखें। ढककर भाप में पकने दें। मध्यम आंच पर इसे पकने में 10-15 मिनट का समय लग सकता है। अगर आपके पास इडली का सांचा है तो उसमें भी पुमालोई बनाया जा सकता है।

पकने के बाद कुछ मिनट ठंडा होने दें और फिर सावधानी से सांचे से निकालें। इसे गरमागरम परोसा जा सकता है। इसे आप दही, हल्की सब्जी या बच्चे की पसंद वाली डिश के साथ परोस सकते हैं।

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